Delhi के Jantar Mantar में प्रदर्शनकारियों को Mumbai के व्यक्ति ने खिलाया खाना, सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल

Delhi: दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछले एक महीने से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच इंसानियत की एक मिसाल सामने आई है। मुंबई के रहने वाले अनुज रावत ने Zomato के जरिए प्रदर्शनकारियों के लिए खाने के पैकेट ऑर्डर किए और उनका पूरा भु

Delhi: दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछले एक महीने से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच इंसानियत की एक मिसाल सामने आई है। मुंबई के रहने वाले अनुज रावत ने Zomato के जरिए प्रदर्शनकारियों के लिए खाने के पैकेट ऑर्डर किए और उनका पूरा भुगतान खुद किया। भारी बारिश के बीच जब डिलीवरी पार्टनर ने वहां मौजूद लोगों को खाना बांटा, तो उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोग इस नेक काम की तारीफ कर रहे हैं।

यह घटना मंगलवार, 21 जुलाई 2026 की है। जंतर मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) के प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। इस आंदोलन को 24 दिन हो चुके हैं। अनुज रावत के अलावा कई अन्य लोगों ने भी Swiggy, Blinkit और Instamart जैसे ऐप्स के जरिए प्रदर्शनकारियों के लिए खाने-पीने का सामान भेजा। हालांकि, भारी मांग और कुछ पाबंदियों की वजह से Zepto और Blinkit जैसी कुछ सेवाओं में डिलीवरी में दिक्कतें भी आईं।

प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से NEET पेपर लीक के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की रिहाई और आत्महत्या करने वाले NEET-UG 2026 उम्मीदवारों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन के दौरान सोमवार को ‘संसद चलो’ मार्च निकाला गया था, जिसे रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस झड़प में सुरक्षाकर्मियों समेत करीब 180 लोग घायल हुए और 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली पुलिस ने इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर रखी है। जंतर मंतर पर प्रदर्शन के लिए पुलिस की लिखित अनुमति और कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है, जैसे कि अधिकतम 1000 लोग और सुबह 10 से शाम 5 बजे तक का समय। मंगलवार को CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने अस्पताल जाकर घायल छात्रों का हाल जाना, वहीं पार्टी ने अपनी प्रवक्ता विजेता दहिया को उनके असंवेदनशील व्यवहार के कारण पद से हटा दिया।

इस बीच राजनीतिक हलचल भी तेज रही और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अखिलेश यादव को प्रधानमंत्री आवास के पास विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया। वहीं, केंद्र सरकार की सहमति के बाद एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी मिलने वाली है। हैदराबाद में भी छात्रों ने इस आंदोलन के समर्थन में ‘चलो लोक भवन’ प्रदर्शन किया।