Mumbai के Malwani में 14 अवैध स्कूलों के प्रिंसिपल्स पर FIR, BMC की शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई

Maharashtra/Mumbai: मुंबई के मालवणी इलाके में बिना मान्यता के चल रहे 14 स्कूलों के प्रिंसिपल्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं। BMC के प्राइवेट प्राइमरी स्कूल विभाग की शिकायत के बाद स्थानीय पुलिस ने इन सभी प्रिंसिपल्स के खिलाफ F

Maharashtra/Mumbai: मुंबई के मालवणी इलाके में बिना मान्यता के चल रहे 14 स्कूलों के प्रिंसिपल्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं। BMC के प्राइवेट प्राइमरी स्कूल विभाग की शिकायत के बाद स्थानीय पुलिस ने इन सभी प्रिंसिपल्स के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई उन स्कूलों के खिलाफ हुई है जो नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से संचालित हो रहे थे।

मामला तब बढ़ा जब मार्च 2026 में BMC ने इन 14 स्कूलों के प्रिंसिपल्स को नोटिस भेजा था। प्रशासन ने उनसे एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा था कि इन स्कूलों को बंद क्यों न कर दिया जाए। लेकिन प्रिंसिपल्स ने न तो कोई जवाब दिया और न ही स्कूलों का संचालन बंद किया, जिसके बाद अब पुलिस केस दर्ज किया गया है।

बता दें कि 18 अप्रैल 2026 को शिक्षा विभाग ने मुंबई भर के 164 अनधिकृत स्कूलों की एक लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में मालाड-मालवणी के स्कूल भी शामिल थे। BMC ने अभिभावकों से अपील की थी कि वे अपने बच्चों का दाखिला केवल मान्यता प्राप्त संस्थानों में ही कराएं। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए मुंबई में कुल 164 अवैध प्राइमरी स्कूल मिले थे, जिनमें से 14 अकेले मालवणी में थे।

Right to Education (RTE) Act, 2009 के नियमों के मुताबिक, प्राइवेट स्कूलों को हर तीन साल में शिक्षा विभाग से नई मान्यता लेनी पड़ती है और इंफ्रास्ट्रक्चर के नियमों का पालन करना होता है। नियमों का पालन न करने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना और अवैध रूप से स्कूल चलाने पर 10 हजार रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।

इस पूरे मामले में BMC की एजुकेशन ऑफिसर Sujata Khare ने पब्लिक नोटिस जारी किया था। वहीं, शिक्षा समिति की चेयरपर्सन Rajeshree Shirwadkar ने कहा कि वे छात्रों की पढ़ाई का ध्यान रखते हुए सरकार के साथ मिलकर काम करेंगी। दूसरी तरफ Watchdog Foundation नाम की संस्था ने मांग की है कि इन स्कूलों के लिए एक एमनेस्टी स्कीम लाई जाए ताकि वे खुद को रेगुलर कर सकें और हजारों बच्चों की पढ़ाई में रुकावट न आए।