Maharashtra: मुंबई के मालाड (पूर्व) इलाके में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ सड़क पर खेल रही एक 12 साल की बच्ची पर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी द्वारा लगाया गया लोहे का बैरिकेड गिर गया। इस हादसे में बच्ची गंभीर रूप से घायल
Maharashtra: मुंबई के मालाड (पूर्व) इलाके में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ सड़क पर खेल रही एक 12 साल की बच्ची पर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी द्वारा लगाया गया लोहे का बैरिकेड गिर गया। इस हादसे में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसा कब और कैसे हुआ?
यह घटना 16 अप्रैल 2026 की रात करीब 10:45 बजे हुई। बच्ची अपने दोस्तों के साथ सड़क पर खेल रही थी, तभी अचानक लोहे का बैरिकेड उस पर गिर गया। शुरुआती इलाज के बाद उसे दूसरे अस्पताल भेजा गया, जहाँ X-ray कराने पर पता चला कि उसके कूल्हे के जोड़ (hip joint) में फ्रैक्चर हुआ है और चेहरे पर भी चोटें आई हैं। 17 अप्रैल को उसे एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल बच्ची के पिता एक ऑटो रिक्शा चालक हैं और वह अपने माता-पिता और चार बहनों के साथ रहती है।
पुलिस की कार्रवाई और नियम क्या कहते हैं?
इस मामले में Dindoshi Police ने संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के साइट सुपरवाइजर के खिलाफ FIR दर्ज की है। Municipal Corporation of Greater Mumbai (MCGM) के 2018 के सर्कुलर के मुताबिक, निर्माण कार्यों के दौरान मजबूत और सुरक्षित बैरिकेडिंग लगाना अनिवार्य है ताकि राहगीरों और वाहनों को कोई खतरा न हो। नियमों के अनुसार:
- सुरक्षित बैरिकेडिंग न लगाने पर ठेकेदार और इंजीनियर जिम्मेदार होंगे।
- नियमों का पालन न करने पर 1000 रुपये प्रति मीटर प्रति दिन का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- बैरिकेड्स का मुख्य उद्देश्य लोगों को निर्माण स्थल के खतरों से आगाह करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।