Maharashtra: मुंबई और महाराष्ट्र में अब शादी-ब्याह के फंक्शन सस्ते और आसान हो सकते हैं। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि शादी से जुड़े कार्यक्रमों में म्यूजिक बजाने के लिए अब कोई लाइसेंस फीस नहीं देनी होगी। इस फैसले से होट
Maharashtra: मुंबई और महाराष्ट्र में अब शादी-ब्याह के फंक्शन सस्ते और आसान हो सकते हैं। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि शादी से जुड़े कार्यक्रमों में म्यूजिक बजाने के लिए अब कोई लाइसेंस फीस नहीं देनी होगी। इस फैसले से होटल मालिकों, मैरिज हॉल और इवेंट प्लानर्स को बड़ी राहत मिलेगी और आम लोगों का खर्च भी कम होगा।
शादी के किन कार्यक्रमों में नहीं लगेगा म्यूजिक चार्ज
केंद्र सरकार के मुताबिक, कॉपीराइट एक्ट की धारा 52(1)(za) के तहत शादी से जुड़ी रस्मों को छूट दी गई है। इसमें हल्दी, मेहंदी, संगीत, मुख्य शादी की रस्म, रिसेप्शन और शादी से पहले या बाद के सभी पारंपरिक सामाजिक कार्यक्रम शामिल हैं। अब इन फंक्शन के लिए PPL, IPRS और Novex जैसी प्राइवेट कंपनियों को रॉयल्टी देने की जरूरत नहीं होगी।
क्या है ‘Sangeet Dwaar’ और सिंगल विंडो सिस्टम
सरकार अब म्यूजिक कॉपीराइट लाइसेंसिंग के लिए एक आसान सिस्टम लाने की तैयारी में है, जिसे ‘Sangeet Dwaar’ कहा जा रहा है। इस सिंगल-विंडो सिस्टम के आने के बाद अलग-अलग जगहों से अनुमति लेने का झंझट खत्म हो जाएगा। वहीं, महाराष्ट्र सरकार भी लाइव इवेंट्स और कॉन्सर्ट के लिए एक 25 सदस्यों वाला पैनल बना रही है ताकि मंजूरी की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके।
यह फैसला कैसे लिया गया और कौन शामिल था
14 मई 2026 को नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने एक मीटिंग बुलाई थी। इस बैठक में Indian Hotel and Restaurant Association (AHAR) के अध्यक्ष विजय आर शेट्टी और अन्य संस्थाओं ने हिस्सा लिया। AHAR ने रॉयल्टी वसूली को लेकर अपनी चिंताएं जताई थीं, जिसके बाद मंत्रालय ने शादी के कार्यक्रमों को इन शुल्कों से मुक्त रखने की बात स्पष्ट की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अब शादी में गाना बजाने के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा?
हाँ, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि हल्दी, मेहंदी, संगीत और रिसेप्शन जैसे शादी से जुड़े कार्यक्रमों के लिए म्यूजिक लाइसेंसिंग चार्ज नहीं लगेगा।
Sangeet Dwaar क्या है?
Sangeet Dwaar एक प्रस्तावित सिंगल-विंडो म्यूजिक कॉपीराइट लाइसेंसिंग सिस्टम है, जिससे अलग-अलग संस्थाओं से अनुमति लेने के बजाय एक ही जगह से काम हो जाएगा।