Mumbai में लग्जरी घरों की बिक्री ने तोड़ा रिकॉर्ड, 6 महीने में 18,512 करोड़ रुपये के घर बिके

Maharashtra: मुंबई के आलीशान घरों के बाजार में इस साल जबरदस्त उछाल देखा गया है। साल 2026 की पहली छमाही (H1) में लग्जरी घरों की बिक्री अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। India Sotheby’s International Realty और

Maharashtra: मुंबई के आलीशान घरों के बाजार में इस साल जबरदस्त उछाल देखा गया है। साल 2026 की पहली छमाही (H1) में लग्जरी घरों की बिक्री अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। India Sotheby’s International Realty और CRE Matrix की एक साझा रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान 18,512 करोड़ रुपये के घर बिके हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 10 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों की मांग काफी बढ़ी है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 16,518 करोड़ रुपये था, जिसमें 12% की बढ़ोत्तरी हुई है। घरों की संख्या की बात करें तो इस बार 957 लग्जरी घर बिके, जो पिछले साल के मुकाबले 26% ज्यादा हैं। पिछले 12 महीनों में कुल मिलाकर लगभग 1,700 लग्जरी घर बिके हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 34,000 करोड़ रुपये रही है।

विवरण आंकड़े (H1 2026)
कुल बिक्री मूल्य 18,512 करोड़ रुपये
बेचे गए घरों की संख्या 957 यूनिट्स
सेकेंडरी मार्केट (रीसेल) वैल्यू 4,840 करोड़ रुपये
सबसे ज्यादा मांग वाला प्राइस ब्रैकेट 20-40 करोड़ रुपये
सबसे ज्यादा बिकने वाले घर का साइज 2,000-4,000 sq ft
सबसे मजबूत मार्केट (इलाका) Worli

बाजार के रुझान पर बात करें तो Worli सबसे आगे रहा है, जहां प्राइमरी लग्जरी घरों की बिक्री पिछले साल के मुकाबले करीब 4.5 गुना बढ़ गई। Worli में बिक्री मूल्य 4,493 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 79% की बढ़त है। Lower Parel में भी इसी तरह की 79% की बढ़ोत्तरी देखी गई। 20 से 40 करोड़ रुपये वाले घरों की मांग सबसे ज्यादा रही, जहां बिक्री 66 यूनिट से बढ़कर 156 यूनिट पर पहुंच गई।

India Sotheby’s International Realty के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुदर्शन शर्मा ने कहा कि मुंबई का लग्जरी हाउसिंग मार्केट काफी मजबूत है और यहां खरीदारों का भरोसा बना हुआ है। वहीं CRE Matrix के सीईओ अभिषेक किरण गुप्ता ने बताया कि पिछले 12 महीनों का कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस रफ्तार में थोड़ी कमी आ सकती है क्योंकि बेस पहले से ही बहुत ऊंचा है और आर्थिक माहौल को लेकर लोग अब थोड़े सतर्क हैं।