Mumbai local train में हत्या के बाद यात्रियों में डर, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

Maharashtra: मुंबई की लोकल ट्रेन में 22 साल के मयंक लोहार की हत्या के बाद यात्रियों के बीच काफी डर है। इस घटना ने ट्रेन में सफर करने वालों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग अब रेलवे के सुरक्षा दावों पर भरोसा न

Maharashtra: मुंबई की लोकल ट्रेन में 22 साल के मयंक लोहार की हत्या के बाद यात्रियों के बीच काफी डर है। इस घटना ने ट्रेन में सफर करने वालों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग अब रेलवे के सुरक्षा दावों पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम मौजूद हैं।

यह घटना 23 जून 2026 की रात को हुई थी। पुलिस ने आरोपी सचिन सुवर्णा को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे 30 जून तक पुलिस रिमांड में भेजा गया है। आरोपी के पास पिछले दो महीने से चाकू था, जिससे उसने इस वारदात को अंजाम दिया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 25 जून को महाराष्ट्र विधानसभा में चर्चा हुई, जिस पर सरकार सोमवार, 29 जून को विस्तृत बयान देगी।

यात्रियों के संगठनों ने रेलवे प्रशासन की कड़ी आलोचना की है। Suburban Railway Passengers’ Federation और Mumbai Rail Pravasi Sangh का कहना है कि स्टेशनों पर लगे सामान जांचने वाले स्कैनर और मेटल डिटेक्टर या तो खराब हैं या उनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। उनका मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी खामियां हैं, जिसकी वजह से ऐसे अपराध हो रहे हैं।

सुरक्षा के मौजूदा इंतजाम कमी और चुनौतियां
Churchgate से Virar कॉरिडोर में 2,235 CCTV और 400 फेस-रिकग्निशन कैमरे GRP में 693 कॉन्स्टेबल और 85 ऑफिसर के पद खाली हैं
प्लेटफॉर्म पर 227 MSF जवान और RPF स्टाफ तैनात कई स्टेशनों पर बैग स्कैनर और मेटल डिटेक्टर काम नहीं कर रहे
लेडीज कोच में इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम (468 में से 423 कोच में चालू) हर कोच में पुलिस तैनात करना फिलहाल मुमकिन नहीं है

रेलवे और पुलिस प्रशासन ने अब कुछ नए कदम उठाए हैं। GRP कमिश्नर राकेश कलसागर ने बताया कि 743 नए जवानों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो गई है और 350 जवान अगस्त तक ड्यूटी जॉइन कर लेंगे। साथ ही, अब स्टेशनों पर अचानक बैग चेकिंग और गश्त बढ़ा दी गई है।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए 23 जून को Yatri App पर एक नया SOS फीचर शुरू किया गया है। यह सुविधा रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक काम करेगी, जिससे महिलाएं सीधे RPF कंट्रोल रूम से जुड़ सकेंगी और अपनी लाइव लोकेशन साझा कर सकेंगी। इसके अलावा, 2026 के अंत तक लोकल ट्रेनों में ‘Kavach’ एंटी-कोलिजन सिस्टम लगाया जाएगा। MRVC द्वारा 34 हाई-रिस्क जगहों पर बाउंड्री वॉल और फुट ओवरब्रिज बनाने का काम भी लगभग पूरा हो चुका है।