Mumbai Local में सुरक्षा बढ़ेगी, स्टेशनों पर लगेंगे Panic Button और Facial Recognition वाले कैमरे

Maharashtra: मुंबई लोकल ट्रेनों में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाने का फैसला किया है। 23 जून 2026 को मयंक लोहार नाम के एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दिए जाने के बाद प्रशास

Maharashtra: मुंबई लोकल ट्रेनों में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाने का फैसला किया है। 23 जून 2026 को मयंक लोहार नाम के एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दिए जाने के बाद प्रशासन अब अलर्ट मोड पर है। यात्रियों को सुरक्षित महसूस कराने के लिए अब स्टेशनों पर आधुनिक तकनीक और ज्यादा पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।

महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार, 29 जून 2026 को विधानसभा में इस बारे में जानकारी दी। गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने बताया कि अब स्टेशनों पर पुराने CCTV कैमरों की जगह चेहरे पहचानने वाले यानी Facial Recognition System (FRS) कैमरे लगाए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि हालिया हत्याकांड के आरोपी रोशन सुवर्णा को इन कैमरों और CCTV की मदद से महज 15 घंटे के भीतर पकड़ लिया गया था, जिससे इस तकनीक की ताकत का पता चलता है।

सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए सरकार ने निम्नलिखित योजनाएं बनाई हैं:

सुरक्षा उपाय विवरण
Facial Recognition प्रमुख स्टेशनों पर पुराने CCTV हटाकर चेहरे पहचानने वाले कैमरे लगेंगे
Panic Button आपातकालीन स्थिति के लिए स्टेशनों पर पैनिक बटन लगाने की योजना है
Police Patrolling स्टेशनों और ट्रेनों के अंदर पुलिस की गश्त बढ़ाई जाएगी
Medical Facilities सभी 177 स्टेशनों पर इमरजेंसी मेडिकल रूम (EMR) बनाए जाएंगे
Women Safety रात 9 से सुबह 6 बजे तक हर ट्रेन में 4 सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे
Zero Death Mission 63 दुर्घटना संभावित जगहों पर मौतों को रोकने के लिए विशेष अभियान चलेगा

मुंबई रेलवे पुलिस कमिश्नर राकेश कलासगर ने सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया है और यात्री संगठनों से भी सुझाव मांगे हैं। वेस्टर्न रेलवे के चीफ PRO विनीत अभिषेक ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे ऊपर है और इसके लिए नई तकनीक का इस्तेमाल जारी रहेगा। फिलहाल 177 स्टेशनों पर करीब 6,900 कैमरे लगे हैं, जिनकी निगरानी 20 GRP स्टेशनों से होती है।

सेंट्रल रेलवे और RailTel के बीच हुए समझौते के तहत मुंबई Suburban नेटवर्क के 364 स्टेशनों पर 6,122 नए कैमरे लगाए जाएंगे, जिनमें से 3,652 कैमरों में चेहरे पहचानने की सुविधा होगी। इस प्रोजेक्ट के लिए निर्भया फंड से भी मदद ली जा रही है। हालांकि, रोजाना 75 से 80 लाख यात्रियों की भीड़ के कारण हर किसी की चेकिंग करना मुमकिन नहीं है, इसलिए पुलिस खुफिया जानकारी और रैंडम चेकिंग पर भरोसा करेगी।