Mumbai में भारी बारिश के बाद भी झीलों में पानी की कमी, 7.94% ही बचा है स्टॉक
Maharashtra: मुंबई में 23 और 24 जून की रात को जमकर बारिश हुई, लेकिन शहर को पानी पिलाने वाली सात झीलों के स्तर में कोई खास बढ़त नहीं दिखी। शहर के अंदर तो भारी बारिश हुई, लेकिन जहां से पानी आता है उन catchment इलाकों में ब
Maharashtra: मुंबई में 23 और 24 जून की रात को जमकर बारिश हुई, लेकिन शहर को पानी पिलाने वाली सात झीलों के स्तर में कोई खास बढ़त नहीं दिखी। शहर के अंदर तो भारी बारिश हुई, लेकिन जहां से पानी आता है उन catchment इलाकों में बारिश कम होने की वजह से पानी का स्टॉक अब भी चिंताजनक स्तर पर है।
बुधवार सुबह 6 बजे तक इन सात झीलों में कुल 1.14 लाख मिलियन लीटर पानी था, जो उनकी कुल क्षमता का सिर्फ 7.94% है। अगर पिछले साल की बात करें तो इसी तारीख को यह आंकड़ा 32.89% था, जिससे पता चलता है कि इस बार पानी की स्थिति काफी खराब है। मानसून इस बार 10 जून की जगह 23 जून को आया, यानी करीब दो हफ्ते की देरी हुई। इसी वजह से झीलों में पानी जमा नहीं हो पाया है।
पानी की इस किल्लत को देखते हुए BMC ने पहले ही कई कड़े कदम उठाए हैं। 15 मई से घरों के लिए 10% पानी की कटौती की गई है और 17 जून से कमर्शियल ऑफिस, फैक्ट्रियों और स्पोर्ट्स क्लबों के लिए 20% कटौती लागू है। अब नियम यह है कि पीने के पानी से गाड़ियां धोना, बागवानी करना या सड़कें साफ करना पूरी तरह मना है। स्विमिंग पूल की सप्लाई काट दी गई है और कंस्ट्रक्शन साइट्स के लिए नए कनेक्शन भी नहीं दिए जा रहे हैं।
मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और पालघर के लिए रेड अलर्ट जारी किया था, जिसे बाद में ऑरेंज अलर्ट में बदला गया। विशेषज्ञों का कहना है कि मुंबई की वाटर सिक्योरिटी शहर की बारिश पर नहीं, बल्कि शाहपुर और इगतपुरी जैसे अंदरूनी इलाकों की बारिश पर टिकी है। फिलहाल मौजूद पानी सिर्फ 30 से 40 दिनों तक चल सकता है।
BMC अधिकारी अब 30 जून को झीलों के स्तर की समीक्षा करेंगे। अगर बारिश और नहीं बढ़ी, तो जुलाई में 10% की अतिरिक्त कटौती की जा सकती है। हालांकि, 28 जून के बाद एक और बड़ी बारिश की उम्मीद जताई गई है।