Mumbai में झमाझम बारिश से भरे शहर के सात झील, जलस्तर 3 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा
Maharashtra: मुंबई के लिए जुलाई की भारी बारिश बड़ी राहत लेकर आई है। El Niño की वजह से मानसून कमजोर रहने का डर था, लेकिन जुलाई में हुई जोरदार बारिश ने शहर की सात झीलों के जलस्तर को बढ़ा दिया है। फिलहाल झीलों में कुल 88.81
Maharashtra: मुंबई के लिए जुलाई की भारी बारिश बड़ी राहत लेकर आई है। El Niño की वजह से मानसून कमजोर रहने का डर था, लेकिन जुलाई में हुई जोरदार बारिश ने शहर की सात झीलों के जलस्तर को बढ़ा दिया है। फिलहाल झीलों में कुल 88.81 प्रतिशत पानी जमा हो गया है, जो पिछले तीन सालों का सबसे बेहतर स्तर है।
28 जुलाई 2026 तक की जानकारी के मुताबिक, सात झीलों में कुल 14.47 लाख मिलियन लीटर की क्षमता के मुकाबले 12.85 लाख मिलियन लीटर पानी है। यह स्थिति 2024 के मुकाबले काफी बेहतर है, जब इसी तारीख को केवल 72.97 प्रतिशत पानी था। जुलाई के महीने में मुंबई के सांताक्रूज ऑब्जर्वेटरी में 1,490 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि सामान्य तौर पर जुलाई में 919 मिमी बारिश होती है।
झीलों की वर्तमान स्थिति की बात करें तो मोदक सागर, विहार और तुलसी झीलें पूरी तरह भर चुकी हैं और उनमें पानी ओवरफ्लो हो रहा है। इसके अलावा तानसा झील 98.93 प्रतिशत, मिडिल वैतरणा 91.21 प्रतिशत, भातसा 86.86 प्रतिशत और अपर वैतरणा 75.76 प्रतिशत तक भर चुकी है।
इतनी बारिश के बावजूद मुंबई के लोगों को अभी पानी की कटौती से राहत नहीं मिलेगी। BMC ने साफ किया है कि जब तक सभी सात झीलें 100 प्रतिशत नहीं भर जातीं, तब तक पानी की कटौती जारी रहेगी। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर अभिजीत बांगर ने बताया कि 30 सितंबर तक सभी झीलों के पूरा भरने पर ही कटौती हटाने पर विचार किया जाएगा।
इसी बीच, 28 जुलाई सुबह 9 बजे से 29 जुलाई सुबह 5 बजे तक शहर के कई हिस्सों में 15 प्रतिशत पानी की अतिरिक्त कटौती की गई। यह कटौती पनजरापुर पंपिंग स्टेशन पर पुराने कंट्रोल पैनल को बदलने के जरूरी काम की वजह से की गई। इसके अलावा, 15 मई से लागू 10 प्रतिशत की कटौती और कंस्ट्रक्शन साइट्स व कमर्शियल यूनिट्स पर लगी पाबंदियां अभी भी जारी हैं।