Mumbai में 22 बैंक अकाउंट से 42 साइबर ठगी, 7.42 करोड़ की धोखाधड़ी में एक आरोपी गिरफ्तार
Maharashtra/Mumbai: मुंबई की खार पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिन्होंने 22 ‘म्यूल’ बैंक अकाउंट चलाकर देश भर में करीब 42 साइबर घोटाले किए। इन
Maharashtra/Mumbai: मुंबई की खार पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिन्होंने 22 ‘म्यूल’ बैंक अकाउंट चलाकर देश भर में करीब 42 साइबर घोटाले किए। इन घोटालों के जरिए कुल 7.42 करोड़ रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
इस पूरे मामले की शुरुआत फरवरी में हुई थी, जब एक एयरलाइन ग्राउंड स्टाफ ने टास्क फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई थी। उस व्यक्ति से 4.07 लाख रुपये ठगे गए थे। जांच में पता चला कि ठगों ने ‘रिया संवी’ नाम से मैसेज भेजकर पार्ट टाइम जॉब का लालच दिया था। पुलिस ने जब जांच आगे बढ़ाई, तो पता चला कि इस काम के लिए कई बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
डीसीपी मोहित गर्ग और सीनियर इंस्पेक्टर संतोष काते की देखरेख में हुई इस कार्रवाई में अविनाश खरात को गिरफ्तार किया गया। अविनाश ने कथित तौर पर 13 म्यूल अकाउंट चलाए थे, जबकि उसके साथी विकास भुजबल ने 9 अकाउंट्स का इस्तेमाल किया। ये लोग अपने और दूसरों के नाम पर खाते खोलकर साइबर ठगों को सौंप देते थे, ताकि ठगी का पैसा इन खातों में आए और पकड़ा न जा सके। जांच में पुणे के चाकण इलाके में एक फ्लैट का पता चला, जहां इन खातों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की गई थी।
इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी इस तरह के फ्रॉड पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को निर्देश दिया है कि वह म्यूल बैंक खातों से निपटने के लिए चार हफ्ते के भीतर एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करे। इसके साथ ही देशभर में e-Zero FIR सिस्टम लागू करने और ठगे गए पैसों की वापसी के लिए सिस्टम को बेहतर बनाने की बात कही गई है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल ठगी गई राशि | 7.42 करोड़ रुपये |
| कुल म्यूल अकाउंट | 22 |
| कुल साइबर घोटाले | 42 |
| गिरफ्तार आरोपी | अविनाश खरात |
| दूसरे आरोपी का नाम | विकास भुजबल |
| शुरुआती शिकार | एयरलाइन ग्राउंड स्टाफ (4.07 लाख की ठगी) |
पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लाभार्थियों और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हाल ही में एक और बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट को पकड़ा है, जिसने गोवा और दुबई के जरिए 500 करोड़ रुपये की लॉन्ड्रिंग की थी।