Maharashtra : मुंबई के खार पुलिस स्टेशन में तैनात एक कॉन्स्टेबल और उसके मददगार को पासपोर्ट वेरिफिकेशन के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में बुक किया गया है। Anti-Corruption Bureau (ACB) की सिटी यूनिट ने मंगलवार देर रात एक नि
Maharashtra : मुंबई के खार पुलिस स्टेशन में तैनात एक कॉन्स्टेबल और उसके मददगार को पासपोर्ट वेरिफिकेशन के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में बुक किया गया है। Anti-Corruption Bureau (ACB) की सिटी यूनिट ने मंगलवार देर रात एक निजी व्यक्ति को रंगे हाथों पकड़ा, जिसने कॉन्स्टेबल की तरफ से पैसे लिए थे।
रिश्वत का मामला कैसे आया सामने?
एक व्यक्ति ने अपनी बेटी के पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। इस दौरान उससे वेरिफिकेशन के लिए रिश्वत मांगी गई। कॉन्स्टेबल Basavaraj Gwaminath Dhamgunde ने पहले 2,000 रुपये मांगे थे, लेकिन बाद में बातचीत के बाद यह रकम 1,000 रुपये तय हुई। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय ACB से संपर्क किया और मामले की जानकारी दी।
ACB ने कैसे की कार्रवाई?
ACB ने गवाहों की मौजूदगी में इस मामले की जांच की और जाल बिछाया। कॉन्स्टेबल Dhamgunde ने शिकायतकर्ता को पैसे एक खड़ी गाड़ी के पास रखे अलमारी में रखने को कहा था। जैसे ही बिचौलिया Sanjit Kumar ने वहां से रिश्वत की रकम उठाई, ACB की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
इस मामले में ACB ने Sanjit Kumar और कॉन्स्टेबल Basavaraj Gwaminath Dhamgunde दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन दोनों पर Prevention of Corruption Act, 1988 की धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई की गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए कितनी रिश्वत मांगी गई थी?
शुरुआत में कॉन्स्टेबल ने 2,000 रुपये की मांग की थी, जिसे बाद में बातचीत के जरिए घटाकर 1,000 रुपये कर दिया गया था।
इस मामले में किन लोगों पर कार्रवाई हुई है?
ACB ने खार पुलिस स्टेशन के कॉन्स्टेबल Basavaraj Gwaminath Dhamgunde और बिचौलिये Sanjit Kumar के खिलाफ केस दर्ज किया है।