Maharashtra: मुंबई के KEM Hospital के डॉक्टरों ने तीन साल के बच्चे Rudransh Patil की एक एडवांस स्मार्ट Cochlear Implant सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की है। Rudransh को जन्म से ही सुनने में गंभीर समस्या थी, लेकिन इस ऑपरेशन के
Maharashtra: मुंबई के KEM Hospital के डॉक्टरों ने तीन साल के बच्चे Rudransh Patil की एक एडवांस स्मार्ट Cochlear Implant सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की है। Rudransh को जन्म से ही सुनने में गंभीर समस्या थी, लेकिन इस ऑपरेशन के बाद अब उसे दुनिया की आवाजें सुनाई देंगी और वह बोलना सीख सकेगा। यह सर्जरी 29 मई 2026 को की गई थी।
स्मार्ट Cochlear Implant क्या है और इसके फायदे क्या हैं?
डॉक्टर Hetal Marfatia और उनकी ENT टीम ने Rudransh को एक ‘स्मार्ट’ डिवाइस लगाया है। यह तकनीक मोबाइल फोन की तरह अपडेट की जा सकती है, जिसका मतलब है कि भविष्य में नई तकनीक आने पर बच्चे को दोबारा सर्जरी कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा, इस डिवाइस की वजह से Rudransh को CT स्कैन और 3 Tesla MRI करवाने में भी कोई परेशानी नहीं होगी। घाव भरने के बाद डॉक्टर बाहरी साउंड प्रोसेसर को चालू करेंगे, जिससे बच्चे की सुनने की ट्रेनिंग शुरू होगी।
सरकारी योजनाओं से कैसे मिलती है आर्थिक मदद?
महाराष्ट्र सरकार की ‘श्रवणित महाराष्ट्र’ योजना के तहत दोनों कानों के ट्रांसप्लांट और स्पीच थेरेपी के लिए मदद मिलती है। केंद्र सरकार की ADIP योजना और RBSK प्रोग्राम भी इस इलाज में आर्थिक सहायता देते हैं। 1 से 5 साल के बच्चों के लिए इम्प्लांट, सर्जरी और थेरेपी मिलाकर कुल 6 लाख रुपये तक की मदद का प्रावधान है। स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत ने अगस्त 2023 में इस सहायता राशि को 5 लाख से बढ़ाकर 7 लाख रुपये और उम्र सीमा को 2 से 5 साल करने की बात कही थी।
इलाज के लिए अन्य विकल्प और सुविधाएं
महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना (MJPJAY) के तहत भी अब दो साल से कम उम्र के बच्चों का यह इलाज मुफ्त हो सकता है। इसके अलावा, कई लोग CSR फंड, संस्थाओं के दान या अपनी मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी के जरिए भी इस महंगे इलाज का खर्च निकालते हैं। KEM Hospital की ENT टीम 2007 से यह काम कर रही है और अब तक सैकड़ों गरीब बच्चों की मदद कर चुकी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Cochlear Implant सर्जरी के लिए सरकार कितनी आर्थिक मदद देती है?
1 से 5 साल के बच्चों के लिए करीब 6 लाख रुपये की सहायता मिलती है, जिसमें सर्जरी, इम्प्लांट और थेरेपी का खर्च शामिल है। महाराष्ट्र सरकार की ‘श्रवणित महाराष्ट्र’ और केंद्र की ADIP योजनाएं इसमें मदद करती हैं।
स्मार्ट Cochlear Implant सामान्य इम्प्लांट से कैसे अलग है?
स्मार्ट इम्प्लांट को मोबाइल की तरह अपडेट किया जा सकता है, जिससे बार-बार सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती। साथ ही, इसके साथ MRI और CT स्कैन करवाना सुरक्षित और आसान होता है।