Maharashtra: मुंबई के मशहूर KEM Hospital का नाम बदलने की चर्चा तेज हो गई है। महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री Mangal Prabhat Lodha ने इस अस्पताल का नाम बदलने के लिए BMC को औपचारिक पत्र लिखा है। उनका कहना है कि अस्पताल का मौज
Maharashtra: मुंबई के मशहूर KEM Hospital का नाम बदलने की चर्चा तेज हो गई है। महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री Mangal Prabhat Lodha ने इस अस्पताल का नाम बदलने के लिए BMC को औपचारिक पत्र लिखा है। उनका कहना है कि अस्पताल का मौजूदा नाम ब्रिटिश शासन की याद दिलाता है और इसे भारतीय संस्कृति के हिसाब से बदला जाना चाहिए।
नाम बदलने के लिए क्या सुझाव दिए गए हैं?
मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने अस्पताल के नाम के लिए दो विकल्प सुझाए हैं। उन्होंने इसे ‘Kaushalya Eklavya Memorial Hospital’ या ‘Kaushalya Shrestha Eklavya Smarak Hospital’ करने की मांग की है। उन्होंने तर्क दिया कि King Edward का नाम औपनिवेशिक गुलामी का प्रतीक है, जिसका आज के भारत से कोई लेना-देना नहीं है।
अस्पताल के नाम पर क्या है विवाद और प्रतिक्रियाएं?
इस प्रस्ताव पर अलग-अलग राय सामने आई हैं। जहाँ मंत्री इसे भारतीय विरासत से जोड़ रहे हैं, वहीं कई डॉक्टर और पूर्व छात्र इसका विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि KEM एक ग्लोबल ब्रांड बन चुका है और दुनिया भर में इसी नाम से पहचाना जाता है। कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- डॉ. अमोल कोल्हे: उनका कहना है कि नाम बदलने के बजाय हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
- डॉ. संजय नागरल: उन्होंने कहा कि नाम बदलने से जमीनी हकीकत नहीं बदलती।
- अरविंद सावंत (MP): उन्होंने कहा कि सरकार को दवाओं की कमी और मशीनों की समस्या दूर करनी चाहिए।
- डॉ. संगीता रावत (Dean): प्रशासन का पूरा ध्यान मरीजों और छात्रों के लिए सुविधाओं को बढ़ाने पर है।
अब आगे क्या होगा और फैसला कौन लेगा?
KEM Hospital का नाम बदलने का अंतिम फैसला Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के हाथ में है। मंत्री लोढ़ा ने अपना पत्र स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष Harish Bhandirge को भेजा है। आमतौर पर महाराष्ट्र में किसी जगह का नाम बदलने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव लाना पड़ता है और फिर गृह मंत्रालय से एनओसी (NOC) लेनी होती है। 22 अप्रैल 2026 को कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को नोट किया गया है, लेकिन अभी कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है।