Maharashtra: मुंबई में रेनबो मंथ की शुरुआत के साथ ही 17वें KASHISH प्राइड फिल्म फेस्टिवल का आगाज हो गया है। यह एशिया का एक बड़ा LGBTQ+ फिल्म इवेंट है, जो 3 जून से शुरू होकर 7 जून 2026 तक चलेगा। इस साल दुनिया भर के 43 देश
Maharashtra: मुंबई में रेनबो मंथ की शुरुआत के साथ ही 17वें KASHISH प्राइड फिल्म फेस्टिवल का आगाज हो गया है। यह एशिया का एक बड़ा LGBTQ+ फिल्म इवेंट है, जो 3 जून से शुरू होकर 7 जून 2026 तक चलेगा। इस साल दुनिया भर के 43 देशों से 153 फिल्में और डॉक्यूमेंट्रीज को यहां दिखाया जा रहा है।
फेस्टिवल कहां हो रहा है और क्या हैं नियम
यह फेस्टिवल दक्षिण मुंबई के तीन अलग-अलग वेन्यू पर आयोजित किया जा रहा है। इसमें Liberty Cinema, Alliance Française de Bombay और National Gallery of Modern Art शामिल हैं। फेस्टिवल में आने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है और केवल 18 साल से ऊपर के लोग ही इसमें शामिल हो सकते हैं। सीट की व्यवस्था ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर रखी गई है।
किसे मिले अवॉर्ड्स और कितनी मिली ग्रांट
ओपनिंग सेरेमनी में अभिनेत्री Konkona Sensharma को ‘रेनबो चैंपियन अवॉर्ड’ से नवाजा गया, क्योंकि उन्होंने मुख्यधारा की फिल्मों और OTT पर क्वीयर किरदारों को बखूबी निभाया है। साथ ही, Aravani Art Project को भी यह अवॉर्ड मिला। फिल्म ग्रांट की बात करें तो Simrat Harvind Kaur को 4 लाख रुपये मिले, जबकि Negha Shahin और Guntaj Deep Singh को 50,000 रुपये की डेवलपमेंट ग्रांट दी गई।
फेस्टिवल का मकसद और खास बातें
फेस्टिवल डायरेक्टर Sridhar Rangayan ने बताया कि इस साल का थीम ‘Reflect, Resonate, Rejoice!’ रखा गया है। उनका मकसद क्वीयर किरदारों को मुख्यधारा के सिनेमा में जगह दिलाना है। इस बार 50% से ज्यादा फिल्में लेस्बियन, ट्रांस और नॉन-बाइनरी समुदाय पर आधारित हैं। इसमें ईरान जैसे उन देशों की फिल्में भी शामिल की गई हैं, जहां LGBTQ+ अधिकारों के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
KASHISH प्राइड फिल्म फेस्टिवल 2026 कब तक चलेगा
यह फेस्टिवल 3 जून से शुरू हुआ है और 7 जून 2026 तक चलेगा। यह दक्षिण मुंबई के तीन मुख्य केंद्रों पर आयोजित किया जा रहा है।
फेस्टिवल में फिल्मों के चयन के लिए क्या शर्तें थीं
फिल्में 1 जनवरी 2025 के बाद पूरी होनी चाहिए थीं और उनका मुंबई प्रीमियर होना जरूरी था। साथ ही, गैर-अंग्रेजी फिल्मों के लिए अंग्रेजी सबटाइटल्स अनिवार्य थे।