Maharashtra: मुंबई के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्र Kala Ghoda इलाके को अब पैदल चलने वालों के लिए खास बनाया जा रहा है। यहां शहर का पहला ‘Pedestrian Zone’ तैयार हो रहा है, जिसका पहला फेज पूरा हो चुका है और दूस
Maharashtra: मुंबई के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्र Kala Ghoda इलाके को अब पैदल चलने वालों के लिए खास बनाया जा रहा है। यहां शहर का पहला ‘Pedestrian Zone’ तैयार हो रहा है, जिसका पहला फेज पूरा हो चुका है और दूसरा फेज भी आखिरी दौर में है। इस प्रोजेक्ट का मकसद इलाके की पुरानी खूबसूरती को वापस लाना और टूरिज्म को बढ़ावा देना है।
Kala Ghoda Pedestrian Zone के नियम और खास बातें
इस प्रोजेक्ट के तहत पांच अंदरूनी सड़कों को शनिवार और रविवार को पूरी तरह ‘नो-व्हीकल जोन’ घोषित किया जाएगा। इन सड़कों में V. B. Gandhi Marg (Forbes Street), Ropewalk Lane, Saibaba Road, Rutherfield Lane और B. Bharucha Road शामिल हैं। गाड़ियों को रोकने के लिए एंट्री पॉइंट्स पर Hydraulic Bollards लगाए गए हैं। हालांकि, बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों के लिए RFID-आधारित एक्सेस दिया जाएगा, जिन्हें 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की अनुमति होगी।
कब होगा उद्घाटन और क्या होंगी सुविधाएं
मुंबई बीजेपी अध्यक्ष MLA Ameet Satam ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis अगले दो महीनों के भीतर करेंगे। इस इलाके को ‘Kala Ghoda Art Avenue’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां आर्ट, हस्तशिल्प और संगीत से जुड़ी गतिविधियां होंगी। साथ ही, यहां ‘Al fresco’ यानी खुले आसमान के नीचे डाइनिंग की सुविधा भी मिलेगी। Sir J. J. School of Art के कलाकारों ने यहां चार खास मूर्तियां भी लगाई हैं।
प्रोजेक्ट की टाइमलाइन और प्लानिंग
इस काम की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई थी और सितंबर 2024 में वीकेंड पर ट्रायल रन भी किया गया था। BMC कमिश्नर Bhushan Gagrani ने निर्देश दिए हैं कि पूरे इलाके को सुंदर बनाया जाए और सभी साइनबोर्ड एक ही साइज के हों ताकि विजुअल हार्मनी बनी रहे। प्रोजेक्ट के दूसरे फेज में एक अंडरग्राउंड पार्किंग सुविधा भी बनाई जा रही है, जिसके 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Kala Ghoda में गाड़ियों पर पाबंदी कब रहेगी?
तय नियमों के मुताबिक, पांच चुनिंदा अंदरूनी सड़कों पर शनिवार और रविवार को गाड़ियां नहीं चलेंगी, यह इलाका सिर्फ पैदल चलने वालों के लिए होगा।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए क्या व्यवस्था है?
सीनियर सिटीजन और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए RFID-आधारित एक्सेस दिया जाएगा, जिससे वे अपनी गाड़ी ले जा सकेंगे, लेकिन रफ्तार 20 किमी प्रति घंटा से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।