Maharashtra: मुंबई के काला घोड़ा इलाके में BMC की एक बड़ी योजना फेल होती दिख रही है। पैदल चलने वालों के लिए बनाई गई खास सड़क को शुरू हुए अभी दो महीने ही हुए थे कि उसे फिर से खोद दिया गया। बिजली के भारी काम के लिए सड़क का
Maharashtra: मुंबई के काला घोड़ा इलाके में BMC की एक बड़ी योजना फेल होती दिख रही है। पैदल चलने वालों के लिए बनाई गई खास सड़क को शुरू हुए अभी दो महीने ही हुए थे कि उसे फिर से खोद दिया गया। बिजली के भारी काम के लिए सड़क का एक हिस्सा उखाड़ दिया गया है, जिससे वहां चारों तरफ मलबा और गंदगी फैल गई है।
Kala Ghoda प्रोजेक्ट में क्या हुई गड़बड़ी?
यह सड़क मुंबई की पहली ऐसी सड़क थी जिसे पैदल चलने वालों की प्राथमिकता पर बनाया गया था। दिसंबर 2025 में काम शुरू हुआ और मार्च 2026 में इसे जनता के लिए खोला गया था। इसमें यूरोप के शहरों की तरह कोबलस्टोन पेविंग और सुंदर म्यूरल्स लगाए गए थे। लेकिन अब बिजली के अंडरग्राउंड काम के लिए इसे खोद दिया गया है, जिससे यह मॉडल सड़क अब मलबे के ढेर में बदल गई है।
आम जनता और स्थानीय लोगों का क्या कहना है?
स्थानीय निवासी और राहगीर BMC और मुंबई पुलिस के काम से काफी नाराज हैं। लोगों का कहना है कि नए बुनियादी ढांचे को इस तरह नष्ट करना गलत है। यह काम पहले से प्लान किया जाना चाहिए था ताकि नई सड़क को दोबारा न खोदना पड़े। लोगों को डर है कि आने वाले मानसून सीजन में यह उखड़ी हुई सड़क और मलबा पैदल चलने वालों के लिए खतरनाक साबित होगा।
प्रोजेक्ट की अब तक की स्थिति क्या है?
इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में पांच लेन को नया रूप दिया गया था और वीकेंड पर पैदल चलने वालों के लिए हाइड्रोलिक बोलार्ड लगाए गए थे। प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में एक सेंट्रल पब्लिक प्लाजा और 150-200 गाड़ियों के लिए अंडरग्राउंड पार्किंग बनाने की योजना है, जो 2026 के अंत तक पूरी होगी। मेयर रितु तावड़े ने कहा कि शहर में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हो रहे हैं, जिससे थोड़ी असुविधा और धूल हो सकती है लेकिन यह भविष्य के लिए जरूरी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
काला घोड़ा पैदल सड़क प्रोजेक्ट कब शुरू हुआ था?
इस प्रोजेक्ट का काम दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था और इसके पहले चरण को मार्च 2026 में जनता के लिए खोला गया था।
सड़क को दोबारा क्यों खोदा गया?
अंडरग्राउंड भारी बिजली के काम (heavy electricity work) के लिए सड़क के एक हिस्से को खोदा गया है, जिससे वहां मलबा जमा हो गया है।