Maharashtra: मुंबई के जुहू तारा रोड पर स्थित एक बेहद कीमती और ऐतिहासिक बंगला ‘Leela’ अब नए मालिक के पास चला गया है। इस समुद्र किनारे बने बंगले को Nanavati परिवार ने 221 करोड़ रुपये में Notandas Realty को बेच
Maharashtra: मुंबई के जुहू तारा रोड पर स्थित एक बेहद कीमती और ऐतिहासिक बंगला ‘Leela’ अब नए मालिक के पास चला गया है। इस समुद्र किनारे बने बंगले को Nanavati परिवार ने 221 करोड़ रुपये में Notandas Realty को बेच दिया है। यह सौदा 22 अप्रैल 2026 को स्टैम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइनल हुआ।
कौन है इस बंगले का नया और पुराना मालिक?
इस बंगले को बेचने वाले गौतम Nanavati हैं, जिनका परिवार Nanavati Max Super Speciality Hospital से जुड़ा है। यह घर सर मनीलाल बालाभाई ननावटी की बेटी के नाम पर रखा गया था, जो आरबीआई के डिप्टी गवर्नर रह चुके थे। इसे खरीदने वाली कंपनी Notandas Realty है, जो महेश नोटंडास ज्वेलर्स ग्रुप का हिस्सा है। इस कंपनी का संचालन महेश नोटंडास जगवानी और उनके बेटे हर्ष महेश जगवानी मिलकर करते हैं।
प्रॉपर्टी की खासियत और नियम क्या हैं?
यह बंगला ‘Grade IIB’ हेरिटेज स्ट्रक्चर की श्रेणी में आता है। इसका मतलब है कि इस पुरानी इमारत की बनावट और विरासत को बचाकर रखना होगा। मालिक इसमें मरम्मत तो करवा सकते हैं, लेकिन पूरी तरह से तोड़कर नया निर्माण नहीं कर सकते। इसके लिए मुंबई हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी और म्युनिसिपल कमिश्नर की मंजूरी जरूरी होती है।
सौदे की पूरी जानकारी और कीमत
| विवरण |
जानकारी |
| कुल कीमत |
221 करोड़ रुपये |
| प्लॉट का आकार |
1,355 वर्ग मीटर |
| बिल्ट-अप एरिया |
लगभग 8,480.68 वर्ग फुट |
| लोकेशन |
जुहू तारा रोड, मुंबई |
| ट्रांजैक्शन मैनेजर |
JLL India |
इस प्रॉपर्टी को बेचने की कोशिश 2022 में शुरू हुई थी, तब इसकी कीमत 210 से 220 करोड़ रुपये मांगी गई थी। साल 2026 की शुरुआत में इसकी कीमत बढ़ाकर 250 करोड़ रुपये कर दी गई थी, लेकिन अंत में यह सौदा 221 करोड़ रुपये में तय हुआ।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Leela बंगले की कीमत कितनी थी और इसे किसने खरीदा?
इस बंगले को 221 करोड़ रुपये में बेचा गया है और इसे Notandas Realty (महेश नोटंडास ज्वेलर्स ग्रुप) ने खरीदा है।
क्या इस बंगले को तोड़कर नई बिल्डिंग बनाई जा सकती है?
नहीं, यह Grade IIB हेरिटेज स्ट्रक्चर है, इसलिए इसकी विरासत को बचाना जरूरी है और पूरी तरह से पुनर्विकास (redevelopment) प्रतिबंधित है।