Mumbai के Juhu Beach पर मानसून में पहुंचा टन प्लास्टिक कचरा, BMC से ठोस कदम उठाने की मांग
Maharashtra: मुंबई के मशहूर जुहू बीच पर मानसून की लहरों के साथ भारी मात्रा में प्लास्टिक कचरा बहकर आ गया है। 26 जून को हुई भारी बारिश की वजह से शहर के नालों और क्रीक्स का पानी ओवरफ्लो हो गया, जिससे शहरी कचरा अरब सागर में
Maharashtra: मुंबई के मशहूर जुहू बीच पर मानसून की लहरों के साथ भारी मात्रा में प्लास्टिक कचरा बहकर आ गया है। 26 जून को हुई भारी बारिश की वजह से शहर के नालों और क्रीक्स का पानी ओवरफ्लो हो गया, जिससे शहरी कचरा अरब सागर में चला गया। इसके बाद समुद्र की ऊंची लहरों ने इस कचरे को वापस जुहू बीच के किनारे पर फेंक दिया, जिससे पूरा तट प्रदूषित हो गया है।
जुहू के रहने वाले लोग और पर्यावरण कार्यकर्ता इस स्थिति से काफी परेशान हैं। 1 जुलाई को उन्होंने Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) से मांग की कि सिर्फ रोजाना सफाई अभियान चलाने से काम नहीं चलेगा। उनका कहना है कि कचरे को समुद्र में जाने से रोकने के लिए सिस्टम में बदलाव करना जरूरी है, ताकि नालों और क्रीक्स के जरिए प्लास्टिक कचरा समुद्र तक न पहुंचे।
इस बीच Praja Foundation ने 30 जून 2026 को अपनी एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मुंबई अभी भी प्रदूषण और पर्यावरण की समस्याओं से जूझ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ 13 प्रतिशत बड़ी हाउसिंग सोसायटियां ही अपने स्तर पर कचरे का निपटारा कर रही हैं, जो कि काफी कम है।
Bombay Natural History Society (BNHS) के डॉ. उन्मेश कटवाते ने बताया कि मानसून के दौरान शहरों और आसपास के इलाकों में जमा कचरा बहकर समुद्र में चला जाता है, जिससे यह स्थानीय समस्या एक बड़ी समुद्री प्रदूषण की समस्या बन जाती है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे कचरे को सही तरीके से फेंकें ताकि समुद्र को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।
दूसरी तरफ, ठाणे प्रशासन ने 30 जून को घोषणा की कि अक्टूबर 2026 से सभी हाउसिंग सोसायटियों और भारी कचरा पैदा करने वालों के लिए चार तरह से कचरा अलग करना अनिवार्य होगा। यह कदम केंद्र सरकार के Solid Waste Management Rules 2026 के तहत उठाया जा रहा है।