Maharashtra: मुंबई के जोगेश्वरी स्थित HBT Trauma Care Hospital में पिछले कई दिनों से कामकाज ठप पड़ा है। अस्पताल के करीब 150-160 मल्टीपर्पज वर्कर्स ने वेतन और पीएफ के बकाये को लेकर काम बंद कर दिया है। इस वजह से अस्पताल की
Maharashtra: मुंबई के जोगेश्वरी स्थित HBT Trauma Care Hospital में पिछले कई दिनों से कामकाज ठप पड़ा है। अस्पताल के करीब 150-160 मल्टीपर्पज वर्कर्स ने वेतन और पीएफ के बकाये को लेकर काम बंद कर दिया है। इस वजह से अस्पताल की साफ-सफाई और मरीजों की देखभाल पर बुरा असर पड़ रहा है, जिससे आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों की क्या मांगें हैं और क्यों हो रहा है विरोध
अस्पताल के कर्मचारी पिछले दो से तीन महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप लगा रहे हैं। इसके अलावा, उनका कहना है कि पिछले 27 महीनों से प्रॉविडेंट फंड (PF) का पैसा जमा नहीं हुआ है और 2021 से 2024 तक ESIC का योगदान भी बकाया है। भारतीय कामगार सेना के समर्थन से कर्मचारी अपनी पूरी बकाया राशि और लिखित आश्वासन की मांग कर रहे हैं।
अस्पताल की सेवाओं पर क्या असर पड़ा है
काम बंद होने की वजह से अस्पताल की हालत काफी खराब हो गई है। गंभीर मरीजों को Cooper Hospital भेजा जा रहा है और कई जरूरी सर्जरी रद्द करनी पड़ी हैं। अस्पताल में गंदगी बढ़ गई है और इस्तेमाल की गई सिरिंजें कई दिनों तक इधर-उधर पड़ी रहती हैं। इसके अलावा पेशेंट रजिस्ट्रेशन, एक्स-रे फीस जमा करने और उपकरणों की सफाई का काम भी रुक गया है।
BMC प्रशासन और ठेकेदारों की क्या भूमिका है
22 अप्रैल को BMC अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बैठक हुई, जिसमें 15 दिन के भीतर समाधान का मौखिक भरोसा दिया गया। हालांकि, लिखित गारंटी न मिलने के कारण विरोध जारी है। अस्पताल के डीन के मुताबिक फंड वेंडर को दे दिया गया था, लेकिन कर्मचारियों तक पैसा नहीं पहुंचा। विवाद में Careone और KHFM जैसी निजी एजेंसियां शामिल हैं जो इन कर्मियों की सैलरी देने के लिए जिम्मेदार थीं।