Maharashtra: मुंबई में मानसून की वजह से समुद्र में लहरें काफी ऊंची उठ रही हैं। इस खतरे को देखते हुए Jawaharlal Nehru Port Authority (JNPA) ने अपनी पैसेंजर फेरी सर्विस के रूट में बदलाव किया है। अब यह सर्विस Gateway of Ind
Maharashtra: मुंबई में मानसून की वजह से समुद्र में लहरें काफी ऊंची उठ रही हैं। इस खतरे को देखते हुए Jawaharlal Nehru Port Authority (JNPA) ने अपनी पैसेंजर फेरी सर्विस के रूट में बदलाव किया है। अब यह सर्विस Gateway of India के बजाय Bhaucha Dhakka (Ferry Wharf) से चलेगी। यह फैसला यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।
फेरी सर्विस में बदलाव कब से कब तक रहेगा?
यह अस्थायी बदलाव 1 जून 2026 से शुरू हो चुका है और 30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा। मानसून खत्म होने के बाद इस सर्विस को फिर से पुराने रूट पर शुरू कर दिया जाएगा। JNPA के मरीन विभाग के कैप्टन Balasaheb Pawar ने बताया कि मानसून में समुद्र की लहरें 4-5 मीटर तक ऊंची हो जाती हैं, जिससे Gateway of India पर जहाजों को लगाना सुरक्षित नहीं होता।
यात्रियों के लिए क्या खास इंतजाम किए गए हैं?
इस रूट बदलाव से पोर्ट अधिकारियों, कर्मचारियों और बिजनेस प्रोफेशनल्स को परेशानी न हो, इसके लिए JNPA ने खास इंतजाम किए हैं। JNPA रेजिडेंशियल कॉलोनी से लैंडिंग जेटी तक स्पेशल बस सर्विस शुरू की गई है। यह फेरी सर्विस पिछले 37 सालों से चल रही है और इसमें सफर का समय करीब एक घंटा लगता है।
सुरक्षा के लिए क्या नियम लागू किए गए हैं?
प्रशासन ने पोर्ट पर मौजूद सभी जहाजों को मानसून के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। इसमें मुख्य इंजन को स्टैंडबाय पर रखना और अतिरिक्त मूरिंग रस्सियों का इस्तेमाल करना शामिल है। साथ ही, यह भी साफ किया गया है कि मौसम की स्थिति खराब होने पर लॉन्च सर्विस बिना किसी पूर्व सूचना के कभी भी रोकी जा सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
JNPA फेरी सर्विस अब कहाँ से चलेगी?
मानसून के दौरान सुरक्षा कारणों से यह सर्विस Gateway of India की जगह Bhaucha Dhakka (Ferry Wharf) से संचालित होगी।
यह रूट बदलाव कब तक प्रभावी रहेगा?
यह बदलाव 1 जून 2026 से शुरू हुआ है और 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा।