Maharashtra: मुंबई के Jaslok Hospital के डॉक्टरों ने एक 32 साल की महिला की जान बचाकर कमाल कर दिखाया है। महिला को एक दुर्लभ और बहुत बड़ा हर्निया था, जिसकी वजह से उसे सांस लेने में भारी दिक्कत हो रही थी। डॉक्टरों ने एक जोख
Maharashtra: मुंबई के Jaslok Hospital के डॉक्टरों ने एक 32 साल की महिला की जान बचाकर कमाल कर दिखाया है। महिला को एक दुर्लभ और बहुत बड़ा हर्निया था, जिसकी वजह से उसे सांस लेने में भारी दिक्कत हो रही थी। डॉक्टरों ने एक जोखिम भरी सर्जरी की और महिला को फिर से सामान्य रूप से सांस लेने के काबिल बनाया।
महिला को क्या बीमारी थी और कितनी गंभीर थी स्थिति
महिला को ‘giant right-sided diaphragmatic hernia’ नाम की एक दुर्लभ बीमारी थी। उसके शरीर में करीब 20 cm का बड़ा हर्निया हो गया था। इस वजह से पेट के कई अंग खिसक कर छाती के हिस्से में चले गए थे। इस वजह से उसके दाएं फेफड़े (right lung) पर दबाव पड़ रहा था और उसकी सांस लेने की क्षमता लगातार कम होती जा रही थी।
Jaslok Hospital के डॉक्टरों ने कैसे किया इलाज
डॉक्टरों ने इस जटिल स्थिति को देखते हुए एक हाई-रिस्क सर्जरी करने का फैसला किया। इस ऑपरेशन के जरिए पेट के अंगों को वापस उनकी सही जगह पर पहुँचाया गया और हर्निया का इलाज किया गया। इस सफल प्रक्रिया के बाद महिला की सांस लेने की समस्या दूर हो गई और उसकी जान बच गई। यह मामला मेडिकल जगत में एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
महिला को कौन सी बीमारी थी और वह कितनी बड़ी थी?
महिला को राइट-साइडेड डायफ्रामेटिक हर्निया था, जिसका आकार 20 cm था। यह एक दुर्लभ स्थिति थी जिसमें पेट के अंग छाती में चले गए थे।
इलाज कहाँ हुआ और उसका नतीजा क्या रहा?
इलाज मुंबई के Jaslok Hospital में हुआ। डॉक्टरों ने एक जोखिम भरी सर्जरी की जिससे महिला के फेफड़ों पर दबाव कम हुआ और वह अब ठीक से सांस ले पा रही है।