Mumbai ITAT का बड़ा फैसला, Redevelopment Rights पर नहीं लगेगा ‘Other Income’ टैक्स, कैपिटल गेन में मिलेगी छूट

Finance : मुंबई में प्रॉपर्टी के पुनर्विकास (Redevelopment) प्रोजेक्ट्स में शामिल मकान मालिकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। मुंबई इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) ने साफ कर दिया है कि डेवलपमेंट राइट्स ट्रांसफर कर

Finance : मुंबई में प्रॉपर्टी के पुनर्विकास (Redevelopment) प्रोजेक्ट्स में शामिल मकान मालिकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। मुंबई इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) ने साफ कर दिया है कि डेवलपमेंट राइट्स ट्रांसफर करने पर मिलने वाले पैसे को ‘अन्य स्रोतों से आय’ (Income from other sources) नहीं माना जाएगा। अब इस रकम पर ‘कैपिटल गेन’ (Capital Gains) के हिसाब से टैक्स लगेगा, जिससे टैक्स बचाने के रास्ते खुल गए हैं।

यह पूरा मामला बांद्रा के एक टैक्सपेयर से जुड़ा था, जिन्हें डेवलपमेंट राइट्स ट्रांसफर करने के बदले 50 लाख रुपये मिले थे। इनकम टैक्स ऑफिसर ने इस रकम को ‘अन्य स्रोतों से आय’ मान लिया था, लेकिन ITAT ने इस फैसले को पलट दिया। ट्रिब्यूनल ने कहा कि डेवलपमेंट राइट्स एक कैपिटल एसेट हैं, इसलिए इस पर कैपिटल गेन टैक्स लागू होगा।

इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स एक्ट की धारा 54EC के तहत छूट का दावा कर सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति इस पैसे को सरकारी नोटिफाइड बॉन्ड्स में निवेश करता है, तो उसे टैक्स में राहत मिलेगी।

  • छूट की शर्त: कैपिटल गेन मिलने के 6 महीने के भीतर निवेश करना होगा।
  • अधिकतम सीमा: इस स्कीम के तहत अधिकतम 50 लाख रुपये तक की छूट मिल सकती है।
  • होल्डिंग पीरियड: इन बॉन्ड्स को उनके तय समय (फिलहाल 5 साल) तक रखना होगा।

ITAT ने इनकम टैक्स विभाग को निर्देश दिया है कि वह इन शर्तों की जांच करे और नियमों के मुताबिक छूट प्रदान करे। इससे पहले भी मुंबई ITAT ने कई अहम फैसले दिए हैं, जैसे कि पुनर्विकास में अतिरिक्त जगह के लिए खर्च किए गए पैसे को नए घर में निवेश मानकर धारा 54 के तहत छूट देना और किरायेदारी के अधिकार छोड़कर फ्लैट लेने पर धारा 54F की छूट देना।