Mumbai में INOX के अधिकारी से 10.4 करोड़ की ठगी, WhatsApp पर फर्जी मैसेज भेजकर लूटे पैसे, Delhi से 4 गिरफ्तार

Maharashtra/Delhi: मुंबई में INOX ग्रुप के एक सीनियर अधिकारी को जालसाजों ने अपना निशाना बनाया और उनसे 10.4 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली। ठगों ने WhatsApp के जरिए कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनकर पैसे ट्रांसफर क

Maharashtra/Delhi: मुंबई में INOX ग्रुप के एक सीनियर अधिकारी को जालसाजों ने अपना निशाना बनाया और उनसे 10.4 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली। ठगों ने WhatsApp के जरिए कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनकर पैसे ट्रांसफर करवाए। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

यह पूरा मामला 3 जून से 15 जून के बीच का है। INOX ग्रुप के अकाउंट्स ब्रांच में डिप्टी जनरल मैनेजर के पद पर तैनात गिरीश अमीन, जो पिछले 31 सालों से कंपनी में काम कर रहे हैं, उन्हें एक अनजान नंबर से मैसेज आए। भेजने वाले ने अपनी प्रोफाइल फोटो (DP) में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सिद्धार्थ जैन की तस्वीर लगाई थी और दावा किया कि यह उनका पर्सनल नंबर है। ठग ने अमीन से कहा कि वह एक मीटिंग में जा रहे हैं, इसलिए उन्हें कॉल न करें और बताए गए खातों में पैसे ट्रांसफर करें। डीपी देखकर गिरीश अमीन को लगा कि मैसेज असली हैं और उन्होंने कुल 63 ट्रांजेक्शन के जरिए 10,40,71,924 रुपये भेज दिए।

धोखाधड़ी का पता तब चला जब 16 जून को अमीन ने आधिकारिक तरीके से सिद्धार्थ जैन से इन ट्रांजेक्शन के इनवॉइस मांगे। इसके बाद तुरंत मुंबई पुलिस के साउथ साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई।

दिल्ली पुलिस ने ‘ऑपरेशन CyHawk’ के तहत इस मामले में कार्रवाई की। इस स्पेशल ड्राइव के जरिए बैंकों को संदिग्ध लेनदेन और भारी कैश निकासी की रिपोर्ट करने को कहा गया था। इसी अलर्ट की मदद से सरिता विहार पुलिस स्टेशन की टीम ने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के एक बैंक से दो संदिग्धों को तब पकड़ा जब वे पैसे निकालने की कोशिश कर रहे थे।

विवरण जानकारी
कुल ठगी की राशि 10,40,71,924 रुपये
ट्रांजेक्शन की संख्या 63
समय सीमा 3 जून से 15 जून 2026
गिरफ्तार आरोपी 4 व्यक्ति (विकश और वंश समेत)
आरोपियों का काम कमीशन के बदले बैंक अकाउंट किराए पर देना
मिलने वाला कमीशन 20,000 से 30,000 रुपये

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से विकश और वंश ने मास्टरमाइंड को अपने बैंक खाते किराए पर दिए थे ताकि अवैध पैसों को घुमाया जा सके। इसके बदले उन्हें 30,000 और 20,000 रुपये का कमीशन मिला था। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड और अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।