Mumbai में विकास की कीमत पर कट रहे हैं पेड़, 6 साल में 21 हजार से ज्यादा हरे फेफड़ों का नुकसान

Maharashtra: मुंबई शहर में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की रफ्तार तो बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही शहर की हरियाली तेजी से घट रही है। पिछले छह सालों में विकास के नाम पर 21,000 से ज्यादा पेड़ काटे जा चुके हैं। अब शहर में बढ़ते

Maharashtra: मुंबई शहर में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की रफ्तार तो बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही शहर की हरियाली तेजी से घट रही है। पिछले छह सालों में विकास के नाम पर 21,000 से ज्यादा पेड़ काटे जा चुके हैं। अब शहर में बढ़ते तापमान और कंक्रीट के जंगल के बीच पर्यावरण को बचाने की चिंता बढ़ गई है।

ताजा जानकारी के मुताबिक, Mumbai Tree Authority ने हाल ही में तीन बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए 1,080 और पेड़ों को हटाने की मंजूरी दी है। इनमें चेड्डा नगर से आनंद नगर के बीच फ्रीवे विस्तार के लिए 621 पेड़, मोतीलाल नगर पुनर्विकास के लिए 220 पेड़ और बांद्रा के प्रोजेक्ट्स के लिए 239 पेड़ शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इनमें से कुछ पेड़ों को पूरी तरह काटा जाएगा और कुछ को दूसरी जगह लगाया जाएगा।

इस मुद्दे पर स्थानीय स्तर पर काफी विवाद है। शिव सेना (UBT) की कॉर्पोरेटर किशोरी पेडनेकर ने ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे प्रोजेक्ट के लिए पेड़ों की कटाई का कड़ा विरोध किया है। वहीं, पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि शहर के अंदर पेड़ काटकर उनकी भरपाई भिवंडी, पालघर और पनवेल जैसे बाहरी इलाकों में करना गलत है। इससे मुंबई के अंदर ‘अर्बन हीट आइलैंड’ का असर बढ़ेगा और शहर और ज्यादा गर्म होगा।

पेड़ों की कटाई रोकने और समय पर पौधारोपण सुनिश्चित करने के लिए MIDC ने अब नया नियम लागू किया है। अगर तय समय के भीतर नए पेड़ नहीं लगाए गए, तो प्रति पेड़ 100 रुपये प्रति महीना का जुर्माना देना होगा। यह नियम महाराष्ट्र (शहरी क्षेत्र) वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1975 के तहत लागू किया गया है।

दूसरी तरफ, राज्य सरकार और UNEP मिलकर जलवायु लचीलापन योजना पर काम कर रहे हैं। महाराष्ट्र का लक्ष्य 2050 तक नेट-जीरो उत्सर्जन हासिल करना है, क्योंकि पिछले 50 सालों में राज्य में अत्यधिक गर्मी वाले दिनों की संख्या दोगुनी हो गई है। इसी बीच, पर्यावरण समूहों ने ‘Climate Action Now (CAN)’ मुहिम शुरू की है ताकि मैंग्रोव, वेटलैंड्स और फ्लेमिंगो के आवासों को बचाया जा सके। राहत की बात यह है कि BMC और एंटनी वेस्ट हैंडलिंग सेल लिमिटेड मिलकर कंजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड पर ‘ReRoot’ पहल के तहत करीब 16,000 पेड़ लगाएंगे।