Mumbai में कारों के लिए बन रहे हैं हजारों करोड़ के रोड प्रोजेक्ट, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को लेकर उठे सवाल

Maharashtra: मुंबई एक ऐसा शहर है जहां ज्यादातर लोग लोकल ट्रेन और बसों पर निर्भर रहते हैं, लेकिन शहर का विकास अब प्राइवेट कारों की तरफ ज्यादा झुकता दिख रहा है। हजारों करोड़ रुपये उन सड़कों और पुलों पर खर्च किए जा रहे हैं

Maharashtra: मुंबई एक ऐसा शहर है जहां ज्यादातर लोग लोकल ट्रेन और बसों पर निर्भर रहते हैं, लेकिन शहर का विकास अब प्राइवेट कारों की तरफ ज्यादा झुकता दिख रहा है। हजारों करोड़ रुपये उन सड़कों और पुलों पर खर्च किए जा रहे हैं जिनका फायदा केवल कार मालिकों को मिलता है, जबकि आम जनता के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की हालत अब भी चुनौतीपूर्ण है।

आंकड़ों की बात करें तो मुंबई में हर 10 में से 1 से भी कम यात्राएं कार से होती हैं। इसके उलट, लोकल ट्रेन से रोज करीब 80 लाख, BEST बसों से 30 लाख और मेट्रो से 9 लाख लोग सफर करते हैं। इतनी बड़ी आबादी के बावजूद बजट और रोड स्पेस का बड़ा हिस्सा प्राइवेट गाड़ियों को दिया जा रहा है। हाल ही में गिरगाँव चौपाटी के पास सड़क को 8 लेन से बढ़ाकर 13 लेन करने का प्रस्ताव सामने आया है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं।

सरकार और MMRDA कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के पहले फेज (मरीन लाइन्स से वर्ली) पर 14,977 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और अब इसका विस्तार कांदिवली तक किया जा रहा है। इसके अलावा 14,000 करोड़ की लागत वाला गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड और देश का सबसे लंबा समुद्री पुल MTHL भी शुरू हो चुका है। महाराष्ट्र सरकार ने जून 2026 में 12,442 करोड़ रुपये के स्टेट रोड इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है, जिसमें 1500 किलोमीटर सड़कों को सुधारा जाएगा।

दूसरी तरफ पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए मेट्रो नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। साल 2026 को मेट्रो प्रोजेक्ट्स के लिए ‘कमीशनिंग ईयर’ माना गया है, जिसमें मेट्रो लाइन 4, 9 और एयरपोर्ट को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन 8 पर जोर है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि मेट्रो लाइनों का लोकल ट्रेन और बसों के साथ तालमेल सही नहीं है। टिकटिंग और इंटरचेंज की सुविधा में कमी है। साथ ही नालासोपारा और वसई-विरार जैसे इलाकों में आज भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट की भारी कमी है, जिसे ‘ट्रांजिट डेजर्ट’ कहा जा रहा है।

MMRDA ने अपने 2041 के प्लान में 5.01 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान लगाया है, जिसमें मेट्रो, लोकल ट्रेन और हाईवे तीनों शामिल हैं। वहीं BMC ने BEST बसों के घाटे को कम करने और उनकी सर्विस सुधारने के लिए 15 पॉइंट्स का रिफॉर्म प्लान जारी किया है।