Maharashtra: मुंबई के कांदिवली इलाके में शनिवार को भारतीय नाविक Dixit Solanki का अंतिम संस्कार किया गया। Dixit एक मर्चेंट वेसल पर काम करते थे और ओमान के तट पर हुए एक मिसाइल हमले में उनकी जान चली गई थी। मौत के करीब 48 दिन
Maharashtra: मुंबई के कांदिवली इलाके में शनिवार को भारतीय नाविक Dixit Solanki का अंतिम संस्कार किया गया। Dixit एक मर्चेंट वेसल पर काम करते थे और ओमान के तट पर हुए एक मिसाइल हमले में उनकी जान चली गई थी। मौत के करीब 48 दिनों बाद उनका शरीर मुंबई पहुंचा, जिसके बाद परिवार ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
Dixit Solanki की मौत और शरीर वापस आने में क्यों हुई देरी?
Dixit Solanki मर्चेंट वेसल MT MKD Vyom पर ऑयलर के तौर पर काम कर रहे थे। 1 मार्च 2025 को पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के दौरान एक मिसाइल हमले में उनकी मौत हो गई। उनका शरीर काफी जला हुआ था, जिस वजह से पहचान करने में मुश्किल आई। उनका पार्थिव शरीर 5 अप्रैल 2026 को मुंबई पहुंचा। परिवार को उनकी पहचान साबित करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा।
DNA टेस्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट की भूमिका क्या रही?
शुरुआत में शिपिंग मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा था कि पहचान हो गई है, लेकिन रिपेट्रिएशन कंपनी ने परिवार को FIR दर्ज कराने और DNA टेस्ट कराने की सलाह दी। इस मामले में परिवार ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने 5 से 7 अप्रैल के बीच सुनवाई की और Directorate General of Shipping से DNA टेस्ट और पहचान की प्रक्रिया पर स्पष्ट जवाब मांगा।
इस घटना से जुड़े मुख्य विवरण क्या हैं?
| विवरण |
जानकारी |
| मृतक का नाम |
Dixit Solanki |
| पद |
ऑयलर (MT MKD Vyom वेसल) |
| मौत की तारीख |
1 मार्च 2025 |
| मुंबई आगमन |
5 अप्रैल 2026 |
| अंतिम संस्कार |
18 अप्रैल 2026 (कांदिवली वेस्ट) |
| संबंधित विभाग |
DG Shipping और विदेश मंत्रालय |