Maharashtra: मुंबई की स्लम बस्तियों में बिना लाइसेंस के चलने वाली नकली ज्वेलरी फैक्ट्रियों ने लोगों की सेहत के लिए खतरा पैदा कर दिया है। इन फैक्ट्रियों से निकलने वाला जहरीला कचरा सीधे नालों में जा रहा है, जिससे हवा और पा
Maharashtra: मुंबई की स्लम बस्तियों में बिना लाइसेंस के चलने वाली नकली ज्वेलरी फैक्ट्रियों ने लोगों की सेहत के लिए खतरा पैदा कर दिया है। इन फैक्ट्रियों से निकलने वाला जहरीला कचरा सीधे नालों में जा रहा है, जिससे हवा और पानी दोनों प्रदूषित हो रहे हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर बीएमसी (BMC) की जनरल बॉडी मीटिंग में चर्चा हुई और अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
इन फैक्ट्रियों से सेहत को क्या खतरा है
एनसीपी (NCP) कॉर्पोरेटर अजीत राोरान ने बैठक में बताया कि इन इमिटेशन ज्वेलरी और इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट्स में नाइट्रिक एसिड और सल्फ्यूरिक एसिड जैसे खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल होता है। ये रसायन इंसानी स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक हैं। फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल वेस्ट खुले नालों में बहाया जा रहा है, जिसका सीधा असर आसपास रहने वाले आम लोगों की सेहत पर पड़ रहा है।
बिना लाइसेंस के कैसे चल रहे हैं ये कारखाने
अजीत राोरान ने आरोप लगाया कि ये वर्कशॉप रिहायशी इलाकों में खुलेआम चल रहे हैं, जबकि इनके पास नगर निगम का कोई लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत की वजह से ही ये अवैध फैक्ट्रियां इतने समय से बेखौफ काम कर रही हैं। यह पूरे शहर की पब्लिक हेल्थ और सेफ्टी के लिए एक बड़ा जोखिम है।
बीएमसी (BMC) ने अब क्या कदम उठाने का वादा किया है
बीएमसी के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर जवाब देते हुए कहा है कि वे ऐसी और यूनिट्स की पहचान करेंगे। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि शहर में अवैध रूप से चल रही इन फैक्ट्रियों के खिलाफ जल्द ही उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि प्रदूषण को रोका जा सके और स्थानीय निवासियों को राहत मिले।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई की इन अवैध फैक्ट्रियों में किन केमिकल्स का इस्तेमाल हो रहा है
इन इमिटेशन ज्वेलरी यूनिट्स में नाइट्रिक एसिड और सल्फ्यूरिक एसिड जैसे खतरनाक रसायनों का उपयोग किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
इन फैक्ट्रियों के खिलाफ शिकायत किसने और कहां की
एनसीपी कॉर्पोरेटर अजीत राोरान ने 4 मई 2026 को बीएमसी (BMC) की जनरल बॉडी मीटिंग में इन अवैध यूनिट्स और उनसे होने वाले प्रदूषण का मुद्दा उठाया।