Mumbai में IIM कैंपस के पास क्लोरीन गैस लीक, 6 लोग घायल, BMC और फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा
Maharashtra: मुंबई के पवई इलाके में IIM Mumbai कैंपस के गेट के पास एक बंद सीवेज प्लांट से क्लोरीन गैस लीक होने की घटना सामने आई है। इस हादसे में 6 लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन नगर निगम के वॉचमैन और तीन मुंबई फायर ब्रिगेड
Maharashtra: मुंबई के पवई इलाके में IIM Mumbai कैंपस के गेट के पास एक बंद सीवेज प्लांट से क्लोरीन गैस लीक होने की घटना सामने आई है। इस हादसे में 6 लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन नगर निगम के वॉचमैन और तीन मुंबई फायर ब्रिगेड के जवान शामिल हैं। घटना की जानकारी 31 मई 2026 की रात 11:09 बजे मिली थी, जिसके बाद राहत कार्य शुरू किया गया।
गैस लीक को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए?
मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) की टीम सुबह 4:46 बजे मौके पर पहुंची। जवानों ने ब्रीथिंग अपरेटस का इस्तेमाल किया और Hazmat मशीनरी के सीलेंट से लीकेज रोकने की कोशिश की। हालांकि, सिलेंडर में जंग लगा होने के कारण लीकेज तुरंत नहीं रुका। इसके बाद फायर ब्रिगेड ने दो वाटर जेट्स से पानी की बौछार की ताकि हवा में मौजूद क्लोरीन गैस को कम किया जा सके। साथ ही, BMC ने जमा हुए पानी में कास्टिक सोडा डाला ताकि गैस के असर को खत्म किया जा सके।
पवई लेक और सीवेज प्लांट को लेकर क्या हैं नियम?
BMC ने वादा किया है कि वह मई 2026 तक पवई लेक को सीवेज मुक्त बना देगा। इसके लिए भांडुप पंपिंग स्टेशन को अपग्रेड करने की योजना थी। दूसरी तरफ, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पवई लेक में प्रदूषण की जांच के लिए एक जॉइंट कमेटी बनाई है। NGT ने यह भी कहा है कि अगर फरवरी 2026 के बाद भी झील में बिना ट्रीटमेंट के सीवेज गया, तो BMC पर हर इनलेट के लिए 5 लाख रुपये महीना जुर्माना लगेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस हादसे में कौन-कौन घायल हुए हैं?
इस घटना में कुल 6 लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन नगर निगम द्वारा नियुक्त वॉचमैन और तीन मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) के जवान शामिल हैं।
गैस लीक होने का मुख्य कारण क्या था?
जांच में पाया गया कि क्लोरीन सिलेंडर की हालत खराब थी और उसमें जंग लगा हुआ था, जिसकी वजह से लीकेज को तुरंत रोकना मुश्किल हो गया था।