Maharashtra: मुंबई के Institute of Chemical Technology (ICT) में एक कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट पिछले 17 सालों से अधूरा पड़ा है। हाल ही में आई Comptroller and Auditor General (CAG) की रिपोर्ट में इस देरी का खुलासा हुआ है। रिपो
Maharashtra: मुंबई के Institute of Chemical Technology (ICT) में एक कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट पिछले 17 सालों से अधूरा पड़ा है। हाल ही में आई Comptroller and Auditor General (CAG) की रिपोर्ट में इस देरी का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में संस्थान के कामकाज और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
CAG रिपोर्ट में क्या कमियां मिलीं?
CAG की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में उम्मीद से कहीं ज्यादा समय लगा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि साल 2020 से 2025 के बीच संस्थान में काम करने के तरीकों और प्रक्रियाओं में कई तरह की गड़बड़ियां हुई हैं। इन procedural discrepancies की वजह से प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं हो पाया।
प्रोजेक्ट में देरी का क्या असर हुआ?
इतने लंबे समय तक काम रुकने से न केवल समय की बर्बादी हुई, बल्कि संस्थान के बुनियादी ढांचे के विकास पर भी असर पड़ा है। 17 साल का यह लंबा अंतराल प्रशासनिक ढिलाई और नियमों की अनदेखी को दर्शाता है। फिलहाल इस मामले में CAG ने अपनी रिपोर्ट के जरिए जवाबदेही तय करने की बात कही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ICT प्रोजेक्ट में कितनी देरी हुई है?
CAG की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, Institute of Chemical Technology के कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में कुल 17 साल की देरी हुई है।
रिपोर्ट में किन सालों के बीच गड़बड़ियों का जिक्र है?
CAG ने साल 2020 से 2025 के बीच संस्थान की कार्यप्रणाली और प्रक्रियाओं में हुई कथित गड़बड़ियों (procedural discrepancies) की ओर इशारा किया है।