Mumbai में घर खरीदने के लिए ‘शाकाहारी’ होने की शर्त, ब्रोकर के विज्ञापन पर मचा बवाल
Maharashtra: मुंबई के दक्षिण इलाके Tardeo में एक लग्जरी फ्लैट को बेचने के लिए डाले गए विज्ञापन ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक रियल एस्टेट ब्रोकर ने दावा किया कि यह घर केवल शाकाहारियों को ही बेचा जाएगा। इस शर्त के बाद स
Maharashtra: मुंबई के दक्षिण इलाके Tardeo में एक लग्जरी फ्लैट को बेचने के लिए डाले गए विज्ञापन ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक रियल एस्टेट ब्रोकर ने दावा किया कि यह घर केवल शाकाहारियों को ही बेचा जाएगा। इस शर्त के बाद सोशल मीडिया पर लोग नाराज हैं और इसे भेदभाव बताया जा रहा है।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब Bhavesh Kaware नाम के एक एजेंट ने अपने Instagram हैंडल ‘propertytransactionguru’ पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें Tardeo इलाके के एक 2BHK अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट की जानकारी दी गई थी। इस घर की कीमत 6.3 से 6.5 करोड़ रुपये के बीच बताई गई है। इसमें करीब 900 sq ft का कार्पेट एरिया, बालकनी और समुद्र का नजारा मिलता है। लेकिन विज्ञापन में यह शर्त रखी गई थी कि नॉन-वेजिटेरियन लोग इसे नहीं खरीद सकते।
इस विज्ञापन के वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मच गई। शिंदे सेना के युवा नेता Gurjyot Singh Keer ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और सवाल उठाया कि खाने की आदतों के आधार पर खरीदारों को कैसे बाहर रखा जा सकता है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और MNS प्रमुख Raj Thackeray को टैग करते हुए इस पर कार्रवाई की मांग की। कुछ यूजर्स ने इसे ‘फूड अपार्टहेड’ और सामाजिक भेदभाव का नाम दिया है।
विवाद बढ़ने के बाद ब्रोकर Bhavesh Kaware ने अपनी सफाई पेश की और माफी मांगी। उन्होंने कहा कि शाकाहारी होने की शर्त घर के मालिक ने रखी थी, उन्होंने तो सिर्फ विज्ञापन डाला था। ब्रोकर ने यह भी बताया कि वह खुद नॉन-वेजिटेरियन हैं और उनका इरादा किसी को ठेस पहुँचाने का नहीं था। फिलहाल उन्होंने वह विवादित वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया है। इस घटना ने मुंबई के हाउसिंग मार्केट में खान-पान के आधार पर होने वाले भेदभाव की पुरानी बहस को एक बार फिर जिंदा कर दिया है।