Mumbai में 6.5 करोड़ के घर के लिए ‘सिर्फ शाकाहारी’ की शर्त, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

Maharashtra: मुंबई के तरदेओ इलाके में एक आलीशान घर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक रियल एस्टेट एजेंट ने 6.5 करोड़ रुपये के 2BHK फ्लैट का विज्ञापन निकालते हुए शर्त रखी कि घर केवल शाकाहारी लोगों को ही दिया जाएगा। इस वीडिय

Maharashtra: मुंबई के तरदेओ इलाके में एक आलीशान घर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक रियल एस्टेट एजेंट ने 6.5 करोड़ रुपये के 2BHK फ्लैट का विज्ञापन निकालते हुए शर्त रखी कि घर केवल शाकाहारी लोगों को ही दिया जाएगा। इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोग इसे भेदभाव बताकर कड़ी नाराजगी जता रहे हैं।

यह मामला तब शुरू हुआ जब Bhavesh Kaware नाम के एक एजेंट ने इंस्टाग्राम पर इस घर का टूर वीडियो डाला। वीडियो में दक्षिण मुंबई का शानदार नजारा और समुद्र दिखने वाला यह फ्लैट दिखाया गया है। इस घर का कारपेट एरिया करीब 900 स्क्वायर फीट है और इसमें पोडियम पार्किंग की सुविधा भी है। लेकिन ‘वेजिटेरियन ओनली’ वाली शर्त ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है और लोग इसे ‘फूड अपार्टिइड’ यानी खाने के आधार पर भेदभाव कह रहे हैं।

कानूनी जानकारों का कहना है कि कोई भी बिल्डर या हाउसिंग सोसाइटी इस तरह की शर्तें नहीं थोप सकती। भारतीय संविधान का आर्टिकल 15(2) धर्म, जाति या लिंग के आधार पर भेदभाव को रोकता है। साथ ही महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव सोसाइटी एक्ट के तहत भी खाने की पसंद के आधार पर घर देने से मना करना गलत है। RERA के नियमों में भी भेदभाव के खिलाफ प्रावधान हैं, जिसके तहत खरीदार शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

मुंबई में इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। साल 2012 में सैफ अली खान और 2014 में इमरान हाशमी को भी हाउसिंग सोसायटियों ने इसी तरह के कारणों से परेशान किया था। इस ताजा विवाद पर शिंदे सेना के युवा नेता गुरज्योति सिंह कीर ने भी अपनी आपत्ति जताई है। कई लोग सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज ठाकरे को टैग कर इस पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह शर्त बिल्डर की है, बेचने वाले की या फिर सिर्फ एजेंट ने मार्केटिंग के लिए लिखी है।