Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। शनिवार को शहर के कई उपनगरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जिससे लोग काफी परेशान रहे। IMD ने मुंबई के साथ-सा
Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। शनिवार को शहर के कई उपनगरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जिससे लोग काफी परेशान रहे। IMD ने मुंबई के साथ-साथ ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए 10 मई तक Yellow Alert जारी किया है।
मुंबई के अलग-अलग इलाकों में कितना रहा तापमान और उमस
शनिवार को राम मंदिर इलाके में 39°C, विक्रोली में 38.9°C और चेंबूर में 36.6°C तापमान दर्ज किया गया। गर्मी के साथ-साथ उमस ने परेशानी और बढ़ा दी है। कोलाबा वेधशाला में 90% और संताक्रूज में 75% ह्यूमिडिटी दर्ज की गई। रविवार सुबह भी तापमान 30°C के पार निकल गया, जबकि 63% उमस के कारण यह 43°C जैसा महसूस हो रहा था।
हीटस्ट्रोक से बचने के लिए NMMC और BMC की सलाह
Navi Mumbai Municipal Corporation (NMMC) ने हीटवेव को एक शांत आपदा बताया है। उन्होंने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। साथ ही, ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और लस्सी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करने को कहा गया है। BMC ने भी चेतावनी दी है कि अस्पतालों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं, इसलिए KEM Hospital जैसे केंद्रों को पूरी क्षमता के साथ अलर्ट पर रखा गया है।
हीटस्ट्रोक के लक्षण और बचाव के तरीके
अगर शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाए, तेज पसीना आए या फिर अचानक पसीना आना बंद हो जाए और त्वचा सूखी हो जाए, तो यह हीटस्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा चक्कर आना, गंभीर सिरदर्द, मतली और मांसपेशियों में ऐंठन भी महसूस हो सकती है। ऐसे में मरीज को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं, ठंडे पानी की पट्टी का इस्तेमाल करें और संभव हो तो ठंडे पानी से स्नान कराएं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में गर्मी और उमस का असर कब तक रहेगा?
IMD के अनुसार, मुंबई और आसपास के इलाकों में उमस भरी गर्मी सोमवार, 11 मई तक रह सकती है, जिसके बाद मौसम के शुष्क होने की संभावना है।
हीटस्ट्रोक से बचने के लिए क्या उपाय करने चाहिए?
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें, छाता या टोपी का इस्तेमाल करें और पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ पिएं।