Maharashtra: मुंबई के S L Raheja Hospital के डॉक्टरों ने एक कमाल का काम किया है। यहां एक 63 साल के किसान, जो Uttar Pradesh के रहने वाले हैं, उनका Liver Transplant सफल रहा। इस सर्जरी में डॉक्टरों ने एक सस्ता तरीका अपनाया
Maharashtra: मुंबई के S L Raheja Hospital के डॉक्टरों ने एक कमाल का काम किया है। यहां एक 63 साल के किसान, जो Uttar Pradesh के रहने वाले हैं, उनका Liver Transplant सफल रहा। इस सर्जरी में डॉक्टरों ने एक सस्ता तरीका अपनाया जिससे मरीज के लाखों रुपये बच गए और उसकी जान भी बच गई।
क्या था यह ‘देसी जुगाड़’ और कैसे हुई बचत
आमतौर पर लिवर ट्रांसप्लांट के दौरान लिवर को सुरक्षित रखने के लिए Normothermic machines का इस्तेमाल होता है, जिसकी कीमत करीब 7 लाख रुपये तक होती है। लेकिन इस केस में Dr. Vikram Raut और उनकी टीम ने Heart-lung machine का इस्तेमाल किया। इस मशीन के जरिए लिवर में ऑक्सीजन वाला खून और जरूरी दवाइयां पहुंचाई गईं। इस बदलाव से जो खर्च 7 लाख होने वाला था, वह घटकर सिर्फ 50,000 रुपये रह गया।
मरीज की हालत और इलाज की पूरी जानकारी
UP के रहने वाले सूर्यकांत सिंह (नाम बदला हुआ) साल 2010 से लिवर फेलियर से जूझ रहे थे। उन्हें Hepatocellular carcinoma नाम की बीमारी थी। उन्होंने करीब नौ महीने पहले इस अस्पताल में Cadaveric liver transplant के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। 3 अप्रैल 2026 को उनकी यह सफल सर्जरी की गई।
महंगे इलाज के बीच डॉक्टरों की राय
H N Reliance Hospital के लिवर सर्जन Dr. Ravi Mohanka ने बताया कि भारत में महंगी मशीनों की वजह से ऐसे नए तरीकों की जरूरत है। उनके मुताबिक, लाखों रुपये की मशीनों का खर्च हर कोई नहीं उठा सकता, इसलिए ऐसे इनोवेशन समय की मांग हैं। साथ ही, NMC की जुलाई 2025 की गाइडलाइंस के अनुसार, किसी भी मेडिकल प्रोसीजर में मरीज की सुरक्षा और उसकी लिखित सहमति सबसे जरूरी होती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस सर्जरी में कितने पैसों की बचत हुई?
डॉक्टरों ने महंगी मशीन की जगह हार्ट-लंग मशीन का इस्तेमाल किया, जिससे 7 लाख रुपये का खर्च घटकर केवल 50,000 रुपये रह गया।
मरीज को कौन सी बीमारी थी और वह कहां का रहने वाला था?
मरीज Uttar Pradesh का एक 63 वर्षीय किसान था, जो 2010 से लिवर फेलियर और Hepatocellular carcinoma से पीड़ित था।