Mumbai में घर का नक्शा बदलने के नियम सख्त, बिना अनुमति दीवार गिराने पर हो सकती है कार्रवाई

Maharashtra: मुंबई में रहने वाले लोग अक्सर अपने छोटे घरों को बड़ा या खुला दिखाने के लिए दीवारों को तोड़कर नक्शा बदलते हैं। हाल ही में एक कलाकार ने अपने बचपन के चार बेडरूम वाले घर को दो बेडरूम में बदलकर एक नया अंदाज दिया

Maharashtra: मुंबई में रहने वाले लोग अक्सर अपने छोटे घरों को बड़ा या खुला दिखाने के लिए दीवारों को तोड़कर नक्शा बदलते हैं। हाल ही में एक कलाकार ने अपने बचपन के चार बेडरूम वाले घर को दो बेडरूम में बदलकर एक नया अंदाज दिया है। लेकिन मुंबई में इस तरह के बदलाव करना इतना आसान नहीं है क्योंकि इसके लिए BMC के कड़े नियम लागू हैं।

मुंबई में किसी भी घर की लोड-बेयरिंग दीवार, बीम या कॉलम में बदलाव करने के लिए Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) से पहले मंजूरी लेना जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति घर का लेआउट बदलना चाहता है, तो उसे एक क्वालिफाइड स्ट्रक्चरल इंजीनियर से सलाह लेनी होगी। हालांकि, मई 2016 से BMC ने एक राहत दी है कि अगर लोड-बेयरिंग दीवार या पिलर को नहीं छेड़ा जाता है, तो बेडरूम का साइज छोटा करने या हॉल को बड़ा करने के लिए अनुमति की जरूरत नहीं है। इसके लिए एक सर्टिफाइड कंसल्टिंग आर्किटेक्ट से सेल्फ-सर्टिफिकेशन कराना होता है, जिसकी जिम्मेदारी उस आर्किटेक्ट की होती है।

घर के अंदर बाथरूम या किचन की जगह बदलना अभी भी प्रतिबंधित है क्योंकि इससे पड़ोसियों के घर में लीकेज की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, हाउसिंग सोसायटियों के अपने नियम होते हैं। किसी भी तरह के रिनोवेशन से पहले सोसाइटी को लिखित आवेदन देना पड़ता है, जिसमें आर्किटेक्ट का प्लान, ठेकेदार की जानकारी और काम पूरा होने का समय बताना जरूरी है। सोसाइटी अक्सर सिक्योरिटी डिपॉजिट और इंडेमनिटी बॉन्ड भी मांगती है और काम के घंटे भी तय करती है।

भारत में बिल्डिंग डिजाइन और सुरक्षा के लिए National Building Code (NBC) के नियम चलते हैं। 4 मई 2026 से National Building Construction Standards (NBCS) लागू हो गया है, जो नियमों को सरल बनाने की कोशिश करता है। इन नियमों के मुताबिक रिहायशी कमरों का न्यूनतम साइज 9.5 वर्ग मीटर और चौड़ाई 2.4 मीटर होनी चाहिए, जबकि टॉयलेट के लिए कम से कम 2.2 वर्ग मीटर जगह जरूरी है।