Mumbai में खुले मैनहोल में गिरने से मौत, Bombay High Court ने BMC को फटकारा, जवाब मांगा
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के साकीनाका इलाके में एक व्यक्ति की खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई। इस घटना को लेकर Bombay High Court ने बीएमसी (BMC) की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने सवाल किया है कि शहर में लो
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के साकीनाका इलाके में एक व्यक्ति की खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई। इस घटना को लेकर Bombay High Court ने बीएमसी (BMC) की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने सवाल किया है कि शहर में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन पूरी तरह नाकाम क्यों रहा।
यह मामला जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की बेंच के सामने आया। कोर्ट ने बीएमसी के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि शहर के सभी 72,774 मैनहोल पर सुरक्षा ग्रिल लगा दी गई हैं। कोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा कि अगर ग्रिल लगी थीं, तो फिर यह हादसा कैसे हुआ। कोर्ट ने बीएमसी की प्रोग्रेस रिपोर्ट को केवल ‘दिखावा’ बताया और कहा कि कोई भी मुआवजा इंसान की जान वापस नहीं ला सकता।
इस हादसे में 55 से 60 साल के असलम इसाक शेख की जान गई, जो 2 जुलाई 2026 को भारी बारिश के दौरान खुले मैनहोल में गिर गए थे। घटना के बाद बीएमसी ने चार अधिकारियों को सस्पेंड किया है, जिनमें एल वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर धनजी हेरलेकर और अन्य इंजीनियर शामिल हैं। मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है।
जांच में सामने आया कि मौके पर बैरिकेड्स या लाल झंडे जैसे जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी मैनहोल की 100% जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, बीएमसी ने उस ठेकेदार के खिलाफ पुलिस कार्रवाई शुरू की है जिसने बिना अनुमति के मैनहोल का ढक्कन हटाया था। इस मामले में तीन कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कोर्ट ने अब बीएमसी को निर्देश दिया है कि वह गड्ढों और मैनहोल की शिकायत के लिए एक व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर जारी करे और उसे लोगों तक पहुंचाए। बीएमसी को अगली सुनवाई 14 जुलाई 2026 तक अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करनी होगी। कोर्ट ने प्रशासन से यह गारंटी मांगी है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही से किसी और की जान नहीं जाएगी।