Mumbai में भारी बारिश से 2 की मौत, Delhi में सालों से अटका है पेड़ों का हिसाब-किताब
Maharashtra/Delhi: मुंबई में मानसून की भारी बारिश ने तबाही मचाई है जिससे दो लोगों की जान चली गई। वहीं दूसरी तरफ देश की राजधानी दिल्ली में पेड़ों की गिनती यानी ट्री सेंसस का काम सालों से लटका हुआ है, जिसे अब धीरे-धीरे आगे
Maharashtra/Delhi: मुंबई में मानसून की भारी बारिश ने तबाही मचाई है जिससे दो लोगों की जान चली गई। वहीं दूसरी तरफ देश की राजधानी दिल्ली में पेड़ों की गिनती यानी ट्री सेंसस का काम सालों से लटका हुआ है, जिसे अब धीरे-धीरे आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
मुंबई में 2 और 3 जुलाई 2026 को हुई जोरदार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। IMD ने शहर के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इस दौरान चेंबूर में एक बड़ा हादसा हुआ जहां तेज हवा से पेड़ गिरकर स्कूल बस पर जा गिरा, जिससे 11 साल के एक छात्र की मौत हो गई। इसके अलावा चांदिवली और साकीनाका इलाके में जलभराव की वजह से 60 साल के असलम इसाक शेख एक खुले मैनहोल में गिर गए और उनकी जान चली गई।
इस लापरवाही पर सख्त एक्शन लेते हुए BMC कमिश्नर अश्विनी भिडे ने चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें एल वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर धनजी हरलेकर, दीपक चौगुले, अभिजीत चौगुले और उत्तम पाटिल शामिल हैं। साथ ही काम में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश दिया गया है। मेयर रितु तावड़े ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है।
वहीं दिल्ली की बात करें तो यहां पेड़ों की सेहत और उनकी गिनती के लिए ट्री सेंसस की जरूरत लंबे समय से थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 6 अप्रैल 2026 को पहले पूर्ण पैमाने के ट्री सेंसस की घोषणा की, जिसके लिए केंद्र सरकार से 2.9 करोड़ रुपये की मदद मिली है। यह काम फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (FRI) की देखरेख में होगा और इसे तीन चरणों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दिल्ली में यह प्रक्रिया काफी धीमी रही है। दिसंबर 2023 में मेयर शेली ओबेरॉय ने AI आधारित सेंसस की बात कही थी जिसे 15 दिनों में पूरा होना था, लेकिन फरवरी 2024 तक केवल 27 प्रतिशत वार्डों का ही काम पूरा हो पाया था। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद इस काम में तेजी लाने की कोशिश हो रही है ताकि अवैध कटाई को रोका जा सके और शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाया जा सके।