Mumbai में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाकों में जलभराव और लोकल ट्रेनें लेट
Maharashtra: मुंबई में पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुधवार सुबह 8 बजे तक शहर के कई हिस्सों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जिससे Andheri सबवे समेत कई निचले इलाकों में पानी
Maharashtra: मुंबई में पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुधवार सुबह 8 बजे तक शहर के कई हिस्सों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जिससे Andheri सबवे समेत कई निचले इलाकों में पानी भर गया और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए बुधवार से शनिवार तक Orange Alert जारी किया है, जिसमें भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, रायगढ़ के लिए गुरुवार को Red Alert जारी किया गया है। जून के महीने में औसत से 25 प्रतिशत कम बारिश हुई थी, जिससे शहर की सात झीलों का जलस्तर केवल 6.75 प्रतिशत ही रह गया था।
बारिश का सबसे ज्यादा असर ट्रांसपोर्ट पर पड़ा। Central Railway और Western Railway की लोकल ट्रेनों के समय में देरी हुई। बुधवार सुबह Nerul स्टेशन के पास ओवरहेड तार टूटने से Harbour Line की सेवाएं करीब एक घंटे तक बाधित रहीं, हालांकि बाद में इन्हें फिर से शुरू कर दिया गया। BEST बसों का संचालन सामान्य रहा, लेकिन Western Express Highway और Santacruz East जैसे इलाकों में जलभराव और पेड़ गिरने की वजह से भारी ट्रैफिक जाम देखा गया।
| इलाका | बारिश की मात्रा (mm) |
|---|---|
| Mankhurd | 170.4 |
| Byculla | 162.52 |
| Mumbai Central | 142.43 |
| BKC | 132.4 |
| Wadala | 127 |
| Borivali | 126 |
| Dindoshi | 123 |
इस बारिश के दौरान कई हादसे भी हुए। Chembur में एक पीपल का पेड़ स्कूल वैन पर गिरने से 11 साल के बच्चे की मौत हो गई और चार अन्य बच्चे घायल हो गए। वहीं Walkeshwar में एक रिहायशी इमारत की बालकनी गिरने से 51 साल के व्यक्ति की जान चली गई। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री Dadaji Bhuse ने बताया कि मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने इन घटनाओं का संज्ञान लिया है और पीड़ितों को आर्थिक मदद देने के साथ-साथ पेड़ों की सुरक्षा जांच के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने की अपील की है। लोगों को कमजोर इमारतों, पेड़ों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। IMD के अनुसार, 3 जुलाई से मानसून और भी सक्रिय हो सकता है क्योंकि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।