Mumbai में 27 साल की सबसे भारी बारिश, स्कूल-कॉलेज बंद और कई जिलों में Red Alert जारी
Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में मानसून ने भारी तबाही मचाई है। जुलाई की शुरुआत में ही शहर ने पिछले 27 सालों की सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश के कारण प्र
Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में मानसून ने भारी तबाही मचाई है। जुलाई की शुरुआत में ही शहर ने पिछले 27 सालों की सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश के कारण प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का फैसला किया है।
IMD के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई के पहले छह दिनों में ही मुंबई ने अपने पूरे सीजन की 60% से ज्यादा बारिश पा ली है। कोलाबा और संताक्रूज ऑब्जर्वेटरी में औसत से कहीं ज्यादा बारिश दर्ज की गई। खास तौर पर 4 और 5 जुलाई के बीच कोलाबा में पिछले पांच दशकों का सबसे खराब दिन रहा, जहां 265.6 mm बारिश हुई। पुणे के लोनावला में भी हालात गंभीर रहे, जहां 24 घंटे में 670 mm बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग ने मुंबई और ठाणे के लिए Orange Alert जारी किया है, जबकि रायगढ़ और पालघर में Red Alert लागू है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य मशीनरी को 8 जुलाई तक हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। उन्होंने नासिक में क्लाउडबर्स्ट (बादल फटने) की आशंका और मुंबई में 70-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है।
| क्षेत्र/संस्था | अपडेट/प्रभाव |
|---|---|
| स्कूल और कॉलेज | मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर में 7 जुलाई को बंद रहे |
| मुंबई यूनिवर्सिटी | 7 जुलाई की सभी परीक्षाएं स्थगित की गईं |
| रेलवे | मुंबई-पुणे लाइन पर लैंडस्लाइड से ट्रेनें बाधित, Western Railway ने 4 पैसेंजर ट्रेनें रद्द कीं |
| हवाई सेवा | भारी बारिश के कारण 6 जुलाई को 5 फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा |
| नदियां | उल्हास नदी खतरे के निशान से ऊपर, लगभग 250 लोगों को हटाया गया |
| पर्यटन | ठाणे प्रशासन ने किलों, झरनों और बांधों में एंट्री पर रोक लगाई |
इस आपदा में अब तक महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में 13 लोगों की जान जा चुकी है। रत्नागिरी जिले में लैंडस्लाइड की वजह से पांच घर दब गए, जिनमें से दो लोग अब भी फंसे हुए हैं। BMC ने लोगों से अपील की है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1916 पर संपर्क करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ शहर का पुराना ड्रेनेज सिस्टम, घटते मैंग्रोव और तेजी से बढ़ते शहरीकरण की वजह से हर साल बाढ़ की स्थिति और गंभीर होती जा रही है।