Mumbai में मानसून का कहर, एक हफ्ते में हुई साल भर जैसी बारिश; 13 लोगों की मौत

Maharashtra: मुंबई में इस साल मानसून ने ऐसा रूप लिया है जिसे पहले कभी नहीं देखा गया। जुलाई के पहले हफ्ते में हुई भारी बारिश ने शहर की रफ्तार रोक दी और आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग की रेड अलर्ट चेतावन

Maharashtra: मुंबई में इस साल मानसून ने ऐसा रूप लिया है जिसे पहले कभी नहीं देखा गया। जुलाई के पहले हफ्ते में हुई भारी बारिश ने शहर की रफ्तार रोक दी और आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग की रेड अलर्ट चेतावनी के बीच शहर के कई इलाकों में पानी भर गया और लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह स्थिति काफी चिंताजनक है। 1 से 7 जुलाई के बीच कोलाबा में 791 mm और संताक्रूज में 879 mm बारिश दर्ज की गई। संताक्रूज में जुलाई के पहले हफ्ते में ही 1,000 mm से ज्यादा बारिश हो गई, जो पिछले साल के पूरे जुलाई महीने की कुल बारिश से भी ज्यादा है। शहर ने जुलाई के शुरुआती आठ दिनों में ही अपने महीने भर के औसत का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा देख लिया।

तारीख/अवधि रिकॉर्ड और प्रभाव
4, 5 और 6 जुलाई IMD ने रेड अलर्ट जारी किया
6 और 7 जुलाई स्कूल और कॉलेज बंद रहे, बीच और पार्क भी बंद किए गए
7 जुलाई SDMA ने प्राइवेट ऑफिस को Work-from-home की सलाह दी
जुलाई के पहले 8 दिन कुल 1,100 mm से अधिक बारिश हुई
5 जुलाई शहर के कुछ हिस्सों में 225 mm से ज्यादा बारिश
पिछले 3-4 दिन मुंबई और आसपास के जिलों में 13 लोगों की जान गई

विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग और एल नीनो की वजह से मौसम का मिजाज बदल रहा है। गर्म वातावरण और समुद्र के बढ़ते तापमान के कारण हवा में नमी ज्यादा हो गई है, जिससे कम समय में बहुत ज्यादा बारिश हो रही है। यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के अक्षय देओरस ने इसे मुंबई का ‘नया नॉर्मल’ बताया है। वहीं हुसैन इंदोरेवाला ने शहरी नियोजन की कमी और ड्रेनेज सिस्टम पर ध्यान न देने की वजह से इस संकट को और गंभीर बताया है।

इस भारी बारिश का असर ट्रांसपोर्ट पर भी पड़ा। लोकल ट्रेनें और ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुए। मुंबई-पुणे रूट पर भूस्खलन की वजह से ट्रेन सेवाएं पूरी तरह बहाल नहीं हो पाईं और गुजरात जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें भी बाधित रहीं। हालांकि, 9 जुलाई को IMD ने चेतावनी को घटाकर येलो अलर्ट कर दिया है और स्काईमेट ने उम्मीद जताई है कि 10 जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता कम होगी और लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि जहां मुंबई और पश्चिमी महाराष्ट्र में भारी बारिश हुई, वहीं खानदेश और मराठवाड़ा जैसे इलाकों में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है, जिसके लिए किसानों को सलाह दी गई है।