Mumbai में भारी बारिश से WEH पर लगा लंबा जाम, रेड अलर्ट जारी; हादसे में 2 की मौत
Maharashtra: मुंबई में 1 जुलाई को हुई भारी बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH) पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और कई इलाकों में पानी भर गया। मौसम विभाग ने मुंबई, ठा
Maharashtra: मुंबई में 1 जुलाई को हुई भारी बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH) पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और कई इलाकों में पानी भर गया। मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में और मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बुधवार सुबह ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बोरीवली से बांद्रा के बीच, खासकर सांताक्रुज ईस्ट में ट्रैफिक जाम इतना ज्यादा था कि मलाड से सांताक्रुज तक का 30 मिनट का सफर तय करने में लोगों को करीब डेढ़ घंटा लगा। मलाड, गोरेगांव, जोगेश्वरी और अंधेरी जैसे इलाकों में गाड़ियां रेंगती नजर आईं। मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि दिंदोशी के ओबेरॉय ब्रिज पर एक कार खराब होने की वजह से ट्रैफिक की रफ्तार और धीमी हो गई।
बारिश की वजह से शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। अंधेरी सबवे में करीब डेढ़ फीट पानी भरने के बाद उसे बंद करना पड़ा। बीकेसी (BKC) और वडाला जैसे बिजनेस इलाकों में भी सड़कों पर पानी भर गया। सुबह करीब 5:30 बजे पवई झील भी ओवरफ्लो होने लगी।
इस प्राकृतिक आपदा के बीच दो दुखद हादसे भी हुए। चेंबूर में एक स्कूल वैन पर पेड़ गिरने से 11 साल के छात्र की मौत हो गई, जबकि वॉक्सहॉल में एक तीन मंजिला इमारत का हिस्सा गिरने से 51 साल की महिला की जान चली गई। डीएन नगर मेट्रो स्टेशन के पास पेड़ गिरने से एक बस को नुकसान पहुंचा और ट्रैफिक रुक गया।
परिवहन सेवाओं की बात करें तो सेंट्रल, वेस्टर्न और हार्बर लाइन की ट्रेनों की रफ्तार पटरी पर पानी भरने से धीमी रही। हार्बर लाइन पर ओवरहेड वायर टूटने से सुबह कुछ समय के लिए ट्रेनें रुकी रहीं, हालांकि BEST बसें सामान्य रूप से चलती रहीं।
| इलाका | बारिश का आंकड़ा (mm) |
|---|---|
| भिवंडी | 161.9 |
| ठाणे | 138.6 |
| उल्हासनगर | 119 |
| कल्याण | 88 |
IMD ने 4 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी दी है और लोगों को जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है। मेयर रितु तावड़े ने चेंबूर हादसे पर नाराजगी जताई और कहा कि अधिकारियों ने खतरनाक पेड़ की चेतावनी को नजरअंदाज किया। वहीं मंत्री भुसे ने ऐलान किया कि अब पूरे महाराष्ट्र में पुराने और कमजोर पेड़ों का सेफ्टी सर्वे कराया जाएगा ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।