Mumbai में भारी बारिश से हाहाकार, 1,700 से ज्यादा पेड़ गिरे, 3 लोगों की मौत
Maharashtra: मुंबई में मानसून की भारी बारिश और तेज हवाओं ने शहर की रफ्तार रोक दी है। 1 जुलाई से अब तक शहर में पेड़ और उनकी टहनियां गिरने की 1,711 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक तीन लोगों की जान जा च
Maharashtra: मुंबई में मानसून की भारी बारिश और तेज हवाओं ने शहर की रफ्तार रोक दी है। 1 जुलाई से अब तक शहर में पेड़ और उनकी टहनियां गिरने की 1,711 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है और कई संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।
BMC की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल पेड़ गिरने की घटनाओं में भारी बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल इसी अवधि में केवल 855 शिकायतें आई थीं, जबकि इस बार यह संख्या दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। सबसे ज्यादा असर पश्चिमी उपनगरों में देखा गया जहां 693 घटनाएं हुईं, जबकि आइलैंड सिटी में 510 और पूर्वी उपनगरों में 508 पेड़ गिरे। 5 जुलाई को सबसे बुरा हाल था जब एक ही दिन में 523 पेड़ गिरने की खबर मिली।
| तारीख | पेड़ गिरने की घटनाएं |
|---|---|
| 1 जुलाई | 90 |
| 2 जुलाई | 121 |
| 3 जुलाई | 91 |
| 4 जुलाई | 164 |
| 5 जुलाई | 523 |
| 6 जुलाई | 428 |
| 7 जुलाई | 168 |
| 9 जुलाई (सुबह 8 बजे तक) | 126 |
IMD के अनुसार, 5 और 6 जुलाई को हवा की रफ्तार 90 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई थी, जो सामान्य मानसून हवाओं से तीन गुना ज्यादा थी। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई। 30 जून को चेंबूर में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 साल के छात्र की मौत हुई। 4 जुलाई को आरे कॉलोनी में 18 साल के कुमार हसन रजा की और 5 जुलाई को कुर्ला वेस्ट में एक दुकान पर पेड़ गिरने से 63 साल के यूनुस कुंडवाला की जान चली गई।
मुंबई मेयर Ritu Tawde ने यूनुस कुंडवाला के परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने BMC को पूरे शहर में पेड़ों का ऑडिट करने का निर्देश दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। एहतियात के तौर पर BMC ने सभी सरकारी पार्कों को बंद कर दिया है और लोगों को तेज हवाओं के दौरान बाहर न निकलने और समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दी है।
प्रशासनिक लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए BMC कमिश्नर Ashwini Bhide ने एक कमेटी बनाई है। लापरवाही के आरोप में असिस्टेंट गार्डन सुपरिंटेंडेंट Jagdish Bhoir को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि सड़कों के कंक्रीटकरण और पेड़ों के खराब मैनेजमेंट की वजह से पेड़ कमजोर हो रहे हैं। BMC के ट्री अथॉरिटी ने बुनियादी ढांचे के काम के दौरान पेड़ों की जड़ों को नुकसान पहुंचाने के लिए रोड विभाग और अन्य एजेंसियों को 428 नोटिस भी जारी किए थे।