Mumbai में भारी बारिश से हाहाकार, शहर तीन तरफ से कटा; IMD ने जारी किया Red Alert
Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश की वजह से सड़क और रेल संपर्क टूट गए हैं, जिससे मुंबई शहर तीन तरफ से कटकर एक टापू जै
Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश की वजह से सड़क और रेल संपर्क टूट गए हैं, जिससे मुंबई शहर तीन तरफ से कटकर एक टापू जैसा बन गया है। मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है।
बारिश का असर इतना ज्यादा है कि मुंबई यूनिवर्सिटी ने 6 जुलाई की परीक्षाएं टाल दी हैं और स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस स्थिति को ‘फोर्स मेज्योर’ बताते हुए राज्य मशीनरी को हाई अलर्ट पर रखा है। आपदा प्रबंधन विभाग ने प्राइवेट ऑफिसों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति देने और गैर-जरूरी सरकारी दफ्तरों में आधे दिन की छुट्टी रखने को कहा है। बीएमसी (BMC) ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए करीब 15,000 कर्मचारी तैनात किए हैं।
इस प्राकृतिक आपदा ने यातायात और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे और पुराना हाईवे भूस्खलन और बाढ़ के कारण बंद हो गए हैं, जिससे हजारों लोग बीच रास्ते में फंस गए हैं।
| प्रभावित क्षेत्र/सेवा | नुकसान और अपडेट |
|---|---|
| रेलवे | 120 से ज्यादा ट्रेनें कैंसिल या डायवर्ट, कर्जत-खोपोली लोकल बंद |
| सड़क यातायात | पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे बंद, BEST की 43 बस रूट बदले गए |
| हवाई सेवा | रनवे संचालन अस्थायी रूप से बंद, कई फ्लाइट्स डायवर्ट |
| जान-माल का नुकसान | महाराष्ट्र में 13 मौतें, मानखुर्द में बिल्डिंग गिरने से 6 की मौत |
| पेड़ गिरना | मुंबई में 200 से ज्यादा पेड़ गिरे, अकेले रविवार को 350 पेड़ टूटे |
| बारिश का आंकड़ा | सांताक्रूज में 1 जुलाई से 6 जुलाई तक 805.6 मिमी बारिश दर्ज |
मौसम विभाग के अनुसार, 7 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है और नासिक में क्लाउडबर्स्ट जैसा असर दिख सकता है। 8 जुलाई के बाद धीरे-धीरे बारिश कम होने की उम्मीद है। साथ ही, समुद्र में 4.19 मीटर ऊंची लहरों के खतरे को देखते हुए सुनामी अर्ली वार्निंग सिस्टम को भी एक्टिव कर दिया गया है।