Mumbai में भारी बारिश का Red Alert, अब तक 13 लोगों की मौत; प्रशासन ने कहा- घरों में ही रहें
Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में मानसून ने भारी तबाही मचाई है। पिछले तीन-चार दिनों में बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में 13 लोगों की जान जा चुकी है। मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए Red Alert जारी कि
Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में मानसून ने भारी तबाही मचाई है। पिछले तीन-चार दिनों में बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में 13 लोगों की जान जा चुकी है। मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए Red Alert जारी किया है, जिससे शहर की रफ्तार पूरी तरह थम गई है।
सबसे दुखद घटना Mankhurd में हुई, जहां रविवार रात एक इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 5 बच्चे और एक महिला शामिल हैं। इसके अलावा कई जगहों पर पेड़ गिरने और एक व्यक्ति के खुले मैनहोल में गिरने से मौतें हुई हैं। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने बताया कि आमतौर पर पूरे सीजन में 800 पेड़ गिरते हैं, लेकिन सिर्फ रविवार को ही 350 पेड़ गिर चुके हैं।
हालात को देखते हुए मुंबई की मेयर Ritu Tawde और BMC ने लोगों से 10 जुलाई तक गैर-जरूरी काम के लिए बाहर न निकलने की अपील की है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने प्राइवेट ऑफिसों को Work From Home लागू करने की सलाह दी है, जबकि गैर-जरूरी सरकारी दफ्तरों में आधे दिन की छुट्टी रखी गई है। मुंबई यूनिवर्सिटी ने 6 जुलाई को होने वाली सभी परीक्षाएं आगे बढ़ा दी हैं।
परिवहन सेवाओं पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराना हाईवे भूस्खलन की वजह से बंद कर दिए गए। लोकल ट्रेनों और लंबी दूरी की ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई है। हवाई अड्डे पर भी 17 उड़ानें रद्द हुईं और 217 फ्लाइट्स लेट रहीं।
| प्रभावित क्षेत्र/सेवा | ताजा स्थिति |
|---|---|
| मुंबई, ठाणे, रायगढ़ | IMD द्वारा Red Alert जारी |
| स्कूल और कॉलेज | 6 जुलाई को पूरी तरह बंद |
| हवाई सेवा | 17 फ्लाइट रद्द, 217 डिले |
| परिवहन | मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे बंद |
| निर्माण कार्य | खतरनाक कंस्ट्रक्शन रोकने के आदेश |
| राहत कार्य | NDRF और Indian Navy अलर्ट पर |
आपदा प्रबंधन मंत्री Girish Mahajan ने चेतावनी दी है कि लोग इस मौसम में पर्यटन या अनावश्यक यात्रा न करें, वरना सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कांग्रेस नेता Vijay Wadettiwar ने इन मौतों को प्रशासनिक विफलता बताते हुए पुरानी इमारतों के सेफ्टी ऑडिट की मांग की है।