Mumbai और आसपास भारी बारिश से हाहाकार, स्कूल-कॉलेज बंद, कई जगहों पर जलभराव से थमी रफ्तार

Maharashtra: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में मानसून की भारी बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कों पर घुटनों तक पानी भरने से गाड़ियां रेंग रही हैं और ट्रैफिक जाम की गंभीर स्थिति बन गई है। प्रशासन ने

Maharashtra: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में मानसून की भारी बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कों पर घुटनों तक पानी भरने से गाड़ियां रेंग रही हैं और ट्रैफिक जाम की गंभीर स्थिति बन गई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है ताकि बच्चे सुरक्षित रहें।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया था, जबकि मंगलवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आंकड़ों की बात करें तो संताक्रुज ऑब्जर्वेटरी में 1 जुलाई से अब तक 805.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो जुलाई के औसत का लगभग 94% है। कोलाबा में भी पिछले 50 सालों का सबसे गीला जुलाई दिन देखा गया।

इस आपदा का असर यातायात पर सबसे ज्यादा पड़ा है। पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे और पुराना हाईवे बाढ़ और भूस्खलन की वजह से बंद कर दिया गया। मुंबई-पुणे रूट की ट्रेनें निलंबित रहीं और मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर 40 से ज्यादा ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। BEST की 43 बस रूटों को डायवर्ट करना पड़ा।

बारिश के कारण जान-माल का भी नुकसान हुआ है। मानखुर्द में एक चार मंजिला इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि शहर में 200 से ज्यादा पेड़ गिरने की घटनाओं में 2 लोगों की जान गई। मुंबई एयरपोर्ट पर 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने फ्लाइट ऑपरेशन्स में भी बाधा डाली।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने निजी दफ्तरों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी है और गैर-जरूरी सरकारी दफ्तरों में आधे दिन का काम रखा गया है। ठाणे के नगर आयुक्त सौरभ राव ने जलभराव वाले इलाकों में तुरंत बचाव उपाय करने के निर्देश दिए हैं।

भारत के अलावा दुनिया के अन्य शहरों में भी बारिश का कहर दिखा। न्यूयॉर्क सिटी में फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की गई, शिकागो में भारी बारिश से जलाशय भर गए और इस्तांबुल व वियतनाम में भी बाढ़ जैसी स्थिति बनी। बांग्लादेश के चटगांव में हालांकि भारी बारिश हुई, लेकिन वहां के मेयर ने दावा किया कि नालों की सफाई के कारण जलभराव नहीं हुआ।