Mumbai में भारी बारिश से सड़कों पर भरा पानी, ट्रेन और बस सेवाएं प्रभावित, IMD ने जारी किया अलर्ट

Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में मानसून की भारी बारिश ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कों पर पानी भरने की वजह से ट्रैफिक जाम लग गया है और लोगों को घुटनों तक भरे पानी में चलकर दफ्तर और घर जाना पड़ रहा है।

Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में मानसून की भारी बारिश ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कों पर पानी भरने की वजह से ट्रैफिक जाम लग गया है और लोगों को घुटनों तक भरे पानी में चलकर दफ्तर और घर जाना पड़ रहा है। इस भारी बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है और कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, मुंबई में मानसून 23 जून को आया, जो अपनी सामान्य तारीख से करीब दो हफ्ते देरी से था। लेकिन आते ही इसने भारी तबाही मचाई। मंगलवार सुबह 8 बजे से बुधवार सुबह 8 बजे के बीच लगातार बारिश हुई, जिससे शहर ने अपने जून महीने की कुल बारिश का लगभग 45% हिस्सा सिर्फ 24 घंटे में ही रिकॉर्ड कर लिया। कोलाबा में 248 mm और संताक्रूज में 225 mm बारिश दर्ज की गई।

इस मौसम का असर यातायात पर भी पड़ा है। सेंट्रल रेलवे की ट्रांस-हार्बर लाइन पर पटरियों पर पानी भरने और ट्रैक धंसने की वजह से लोकल ट्रेनें प्रभावित हुईं। वहीं, पुणे और मुंबई के बीच चलने वाली बसों में देरी हुई है। MSRTC ने बस ड्राइवरों को निर्देश दिए हैं कि अगर हालात असुरक्षित हों तो वे गाड़ियां रोक दें। ठाणे में एक दीवार गिरने से आठ गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।

बीएमसी (BMC) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में शहर में 113 पेड़ या उनकी टहनियां गिरी हैं। एक दुखद घटना में, जलभराव के निरीक्षण के दौरान बीएमसी का एक कर्मचारी खुले नाले में गिर गया, जिसके बाद मेयर रितु तावड़े ने इस मामले की जांच की मांग की है।

IMD ने महाराष्ट्र के 31 जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए भी चेतावनी जारी की गई है। कोंकण और गोवा में 30 जून तक भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 27 जून को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। मछुआरों को 26 जून तक दक्षिण महाराष्ट्र-गोवा तट पर न जाने की सलाह दी गई है।