Maharashtra: मुंबई में पिछले तीन दशकों से तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम लोगों और खासकर बाहर काम करने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उमस और हीटवेव के कारण शहर का हाल काफी खराब है। इस स्थिति से निपटने के लिए महाराष्ट्
Maharashtra: मुंबई में पिछले तीन दशकों से तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम लोगों और खासकर बाहर काम करने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उमस और हीटवेव के कारण शहर का हाल काफी खराब है। इस स्थिति से निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने अब खास दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि मजदूरों को राहत मिल सके।
मजदूरों के लिए काम के समय में क्या बदलाव हुए हैं?
राज्य आपदा प्रबंधन मंत्री Girish Mahajan के निर्देश पर 13 अप्रैल 2026 को नए SOP जारी किए गए। इसके तहत अब बाहरी काम करने वाले लोग केवल ठंडे समय में ही काम करेंगे। नए समय की जानकारी नीचे दी गई है:
- सुबह 6 बजे से 11 बजे तक काम होगा।
- शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक काम किया जा सकेगा।
- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक का समय अनिवार्य आराम के लिए होगा, खासकर जब Orange या Red अलर्ट हो।
गर्मी से बचाव के लिए सरकार क्या इंतजाम कर रही है?
नगर निगमों और नगर पंचायतों को इन नियमों को सख्ती से लागू करने को कहा गया है। मजदूरों की मदद के लिए पानी के बूथ बनाए जाएंगे और ORS के पैकेट बांटे जाएंगे। साथ ही, धूप से बचने के लिए अस्थायी शेड भी लगाए जाएंगे। ASHA वर्कर्स और वार्ड स्तर के कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे गर्मी से होने वाली बीमारियों की पहचान कर सकें और समय पर मदद पहुंचा सकें।
IMD ने क्या चेतावनी दी है और गर्मी क्यों बढ़ रही है?
IMD मुंबई के प्रमुख Bikram Singh ने बताया कि जब तापमान 37°C या उससे ज्यादा होता है और सामान्य से 4.5°C अधिक रहता है, तब हीटवेव घोषित की जाती है। उन्होंने रात के समय बढ़ते तापमान पर भी चिंता जताई है। वहीं, पूर्व स्वास्थ्य अधिकारी Dr. Pradeep Awate के अनुसार, 1991 से 2018 के बीच निर्माण कार्य 66% बढ़ा है और खुली जमीन 81% घटी है, जिसकी वजह से सीमेंट और कंक्रीट के ज्यादा इस्तेमाल से शहर में गर्मी बढ़ी है।
| संस्था/अधिकारी |
मुख्य जानकारी/भूमिका |
| IMD |
20 अप्रैल 2026 तक हीटवेव अलर्ट जारी किया है |
| महाराष्ट्र सरकार |
काम के घंटों में बदलाव और SOP लागू किए |
| नगर निगम |
नियमों को लागू करना और पानी-शेड की व्यवस्था करना |
| NGOs |
ORS और इलेक्ट्रोलाइट्स का वितरण करना |