Maharashtra: मुंबई में इस बार गर्मी और उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। अप्रैल के महीने में ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जिससे लोग शहर की भीड़भाड़ और तपिश से बचने के लिए बाहर की तरफ रुख कर रहे
Maharashtra: मुंबई में इस बार गर्मी और उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। अप्रैल के महीने में ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जिससे लोग शहर की भीड़भाड़ और तपिश से बचने के लिए बाहर की तरफ रुख कर रहे हैं। अब लोग रहने के लिए Karjat, Lonavala और Alibaug जैसे ठंडे और शांत इलाकों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
लोग मुंबई छोड़कर बाहरी इलाकों में घर क्यों ले रहे हैं?
मुंबई में ‘अर्बन हीट आइलैंड’ का असर बढ़ रहा है, जिसकी वजह से कंक्रीट के जंगलों में तापमान ज्यादा रहता है। IMD की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में तापमान औसत से काफी ऊपर रहा है। लोग अब ऐसी जगह चाहते हैं जहां हरियाली हो और मौसम ठंडा रहे। इसके साथ ही MTHL जैसे नए पुलों और बेहतर हाईवे की वजह से Alibaug और Karjat पहुंचना अब आसान हो गया है, जिससे लोग वहां दूसरे घर या प्लॉट खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं।
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स और अधिकारियों ने क्या कहा?
- Unnati Varma (ORA Land): उन्होंने बताया कि Karjat जैसे इलाकों में प्लॉट की डिमांड काफी बढ़ गई है क्योंकि वहां बेहतर माहौल और खुली जगह मिलती है।
- Ram Naik (The Guardians): उनके मुताबिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार ने बाहरी इलाकों के मार्केट को काफी मजबूती दी है।
- Vijay Kalantari (WTC-Mumbai): उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शहरों की बढ़ती गर्मी को नहीं रोका गया, तो यह देश की GDP को 2.5% तक कम कर सकता है।
मुंबई प्रशासन गर्मी से निपटने के लिए क्या कर रहा है?
मुंबई नगर निगम (BMC) ने ‘मुंबई क्लाइमेट एक्शन प्लान’ (MCAP) शुरू किया है ताकि शहर की गर्मी को कम किया जा सके। इसके लिए जून 2024 में करीब 1.2 बिलियन डॉलर का क्लाइमेट बजट भी जारी किया गया था। इस पैसे का इस्तेमाल नए शहरी बगीचे बनाने, प्रदूषण कम करने और ऐसी इमारतों के निर्माण में किया जाएगा जो गर्मी को कम सोखें। सरकार ने इसके लिए एक अलग पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग भी बनाया है।