Mumbai की गर्मी का असर अब खून और पेशाब की जांच में दिख रहा, सेहत पर पड़ रहा है गहरा असर
Maharashtra: मुंबई की भीषण गर्मी अब लोगों की सेहत पर गहरा असर डाल रही है। एक नई स्टडी में सामने आया है कि गर्मियों के दौरान मुंबई के लोगों के ब्लड और यूरिन टेस्ट की रिपोर्ट में बड़े बदलाव दिख रहे हैं। यह असर उन शहरों से
Maharashtra: मुंबई की भीषण गर्मी अब लोगों की सेहत पर गहरा असर डाल रही है। एक नई स्टडी में सामने आया है कि गर्मियों के दौरान मुंबई के लोगों के ब्लड और यूरिन टेस्ट की रिपोर्ट में बड़े बदलाव दिख रहे हैं। यह असर उन शहरों से अलग है जहां सिर्फ सूखी गर्मी पड़ती है, क्योंकि मुंबई में उमस वाली गर्मी ज्यादा होती है।
Plum Health Insurance ने मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई के 1,382 मरीजों के हेल्थ चेक-अप डेटा का विश्लेषण किया। इसमें अप्रैल-मई 2026 की गर्मियों के डेटा की तुलना नवंबर 2025 से फरवरी 2026 की सर्दियों के डेटा से की गई। रिपोर्ट में पाया गया कि मुंबई की गर्मी का असर शरीर पर अलग तरीके से होता है।
| पैरामीटर | बदलाव (गर्मियों में) |
|---|---|
| एसिडिक यूरिन (Acidic Urine) | 32% की बढ़ोत्तरी |
| लो आयरन लेवल (Low Iron) | 63% की बढ़ोत्तरी |
| लो हेमाटोक्रिट (Low Haematocrit) | 38% की बढ़ोत्तरी |
| कंसेंट्रेटेड यूरिन (Concentrated Urine) | 9% की कमी |
आमतौर पर जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो पेशाब गाढ़ा (Concentrated) हो जाता है, लेकिन मुंबई में ऐसा नहीं देखा गया। यहाँ पेशाब की एसिडिटी बढ़ी है और खून में आयरन और हेमाटोक्रिट का लेवल गिरा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह उमस वाली गर्मी (Humid-heat stress) के कारण हो रहा है।
इसी बीच Plum की एक और रिपोर्ट में बताया गया कि पूरे भारत में हीटवेव की वजह से स्वस्थ कामकाजी वयस्कों में डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और किडनी पर दबाव बढ़ रहा है। देशभर में लो सोडियम के मामलों में 59% और मैग्नीशियम की कमी में तीन गुना से ज्यादा की बढ़ोत्तरी देखी गई है।