Mumbai में एनीमिया से लड़ने के लिए हेल्थ समिट आयोजित, महिलाओं और बच्चियों के लिए शुरू होगी मुफ्त जांच
Maharashtra: मुंबई में महिलाओं और किशोरियों में बढ़ते एनीमिया (खून की कमी) के खतरे को रोकने के लिए एक बड़ा हेल्थ समिट आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने इस बात पर जोर दिया कि लड़
Maharashtra: मुंबई में महिलाओं और किशोरियों में बढ़ते एनीमिया (खून की कमी) के खतरे को रोकने के लिए एक बड़ा हेल्थ समिट आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने इस बात पर जोर दिया कि लड़कियों और गर्भवती महिलाओं में पोषण की कमी एक गंभीर समस्या है, जिसे केवल चर्चाओं से नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर काम करके ठीक किया जा सकता है।
Human Social Care Foundation (HSCF) और University of Mumbai के सहयोग से हुए इस आयोजन में बताया गया कि National Family Health Survey (NFHS-5) के मुताबिक भारत में 15 से 49 साल की करीब 57% महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। समिट में हिस्सा लेने वाले विशेषज्ञों ने कहा कि अगर सरकार और स्वास्थ्य संस्थान मिलकर काम करें, तो इस समस्या का समाधान आसानी से निकाला जा सकता है।
इस दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं। CritiCare Asia Hospital Group और HSCF के बीच एक समझौता हुआ है, जिसके तहत स्कूल जाने वाली लड़कियों के लिए मुफ्त ब्लड टेस्ट और मेडिकल सलाह दी जाएगी। साथ ही, मुंबई की झुग्गियों और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए एक Mobile Medical Care Unit शुरू की जाएगी। यह यूनिट उन इलाकों में मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं देगी जहां किशोरियों में एनीमिया का असर 40 से 50% तक देखा गया है।
HSCF के प्रेसिडेंट Faizan A. Azizi ने बताया कि पोषण की कमी और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाले पूरक आहार की कमी इस बीमारी का मुख्य कारण है। वहीं, Jaslok Hospital की डॉ. सुदेशना राय ने कहा कि यह एक ऐसी समस्या है जिसे सही प्लानिंग से हल किया जा सकता है। पूर्व जज जस्टिस अभय थिप्सय ने सभी के लिए सस्ती और समान स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत पर बात की। समिट में सुरक्षित पीने के पानी और साफ-सफाई को भी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी बताया गया।