Maharashtra: मुंबई के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। Western Railway ने गोरेगांव और बोरीवली के बीच Harbour Line के विस्तार के लिए 86.51 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला है। इस प्रोजेक्ट से पश्चिमी रेलवे की भीड़ कम ह
Maharashtra: मुंबई के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। Western Railway ने गोरेगांव और बोरीवली के बीच Harbour Line के विस्तार के लिए 86.51 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला है। इस प्रोजेक्ट से पश्चिमी रेलवे की भीड़ कम होगी और लोगों को सफर के लिए एक नया रास्ता मिलेगा। यह पूरा काम MUTP-3A प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट से आम यात्रियों को क्या फायदा होगा?
इस विस्तार के बाद बोरीवली के रहने वाले लोग सीधे CSMT (छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस) जा सकेंगे। इससे Andheri और Borivali के बीच चलने वाली लोकल ट्रेनों में भीड़ कम होगी। साथ ही, यह प्रोजेक्ट मुंबई के उत्तर और दक्षिण के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा, जिससे ऑफिस जाने वालों का समय बचेगा।
प्रोजेक्ट की लागत और समय सीमा क्या है?
इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 898 करोड़ रुपये है। इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण गोरेगांव से मलाड (2 किमी) का है, जिसे 2026-27 तक पूरा करने का लक्ष्य है। दूसरा चरण मलाड से बोरीवली (5 किमी) का है, जो 2027-28 तक पूरा होगा।
| विवरण |
अनुमानित लागत/जानकारी |
| कुल प्रोजेक्ट लागत |
898 करोड़ रुपये |
| सिविल इंजीनियरिंग कार्य |
728 करोड़ रुपये |
| इलेक्ट्रिकल कार्य |
88 करोड़ रुपये |
| सिग्नलिंग और टेलीकॉम |
82 करोड़ रुपये |
| टेंडर राशि (सिविल वर्क्स) |
86.51 करोड़ रुपये |
| लक्ष्य वर्ष |
2027-28 |
काम में क्या-क्या चुनौतियां और बदलाव आएंगे?
इस प्रोजेक्ट में दो बड़े पुल और 16 छोटे पुल बनाए जाएंगे। जगह की कमी की वजह से मलाड में एक एलिवेटेड (ऊंचा) स्टेशन बनाया जाएगा। हालांकि, जमीन अधिग्रहण, अतिक्रमण हटाने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास जैसे काम इस प्रोजेक्ट के लिए बड़ी चुनौतियां बने हुए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Harbour Line का विस्तार कब तक पूरा होगा?
Western Railway के अनुसार, गोरेगांव से मलाड का काम 2026-27 तक और मलाड से बोरीवली का काम 2027-28 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य पश्चिमी रेलवे कॉरिडोर की भीड़ को कम करना, उपनगरीय ट्रैफिक को मेनलाइन ट्रैफिक से अलग करना और यात्रियों को CSMT के लिए सीधा विकल्प देना है।